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क़ुरआन की तिलावत की फ़ज़ीलत और उसका सवाब

क़ुरआन अल्लाह की तरफ़ से अपने बंदों के लिए एक अहद और मीसाक़ है, मुसलमान को चाहिए कि वह अपना अहद नामा ध्यान से पढ़े और रोज़ाना पचास आयतों की तिलावत करे ...

क़ुर्आन में बाल जैसे मैसेज इस्राईली प्रयोगशाला का प्रॉडक्ट, इस्लाम से नहीं क ...

ज़ायोनी ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने ‘‘साइक्लोजिकल ऑपरेशंस‘‘ के नाम से जो प्रोजेक्ट हमें सौंपे थे उनमें से एक प्रोजेक्ट लोगों के धार्मिक विश्वास को कमज़ोर कर ...

माहे रमज़ान और क़ुरआन की तिलावत

माहे रमज़ान क़ुरआन की ख़ास बहार है, जैसाकि इमाम बाक़िर अ.स. फ़रमाते हैं: हर चीज़ की बहार होती है और क़ुरआन की बहार माहे रमज़ान है

इमाम हुसैन अ.स. और क़ुर्आन

अहलेबैत अ.स. की सबसे ख़ास उपलब्धि यह है कि पैग़म्बर स.अ. ने उन्हें क़ुर्आन के बराबर क़रार दिया है और उनकी पूरी ज़िंदगी की गारंटी ली है कि वह हमेशा क़ु ...

नमाज़ और क़ुर्आन में समानताएं

दोनों से क़रीब होने के लिए वुज़ू की ज़रूरत होती है, जैसाकि नमाज़ के बारे में क़ुर्आन कहता है कि जब तुम नमाज़ के लिए खड़े हो अपने चेहरे को और हाथों को ...

मासूमीन अ.स. और क़ुर्आन की तिलावत

क़ुर्आन की तिलावत मासूमीन अ.स. की ज़िंदगी का विशेष हिस्सा रहा है और जो हदीसें इस बारे में नक़्ल हुई हैं वह मासूमीन अ.स. का क़ुर्आन की तिलावत पर विशेष ...

क़ुर्आन की निगाह में मिसाली औरतें

अल्लाह के यहां नेक अमल का सवाब और अज्र मर्द और औरत दोनों के लिए बराबर क़रार दिया गया है, कि जो कोई भी नेक अमल अंजाम देगा उसे उसके अमल का पूरा सवाब और ...

क़ुर्आन की निगाह में इंसान की अहमियत

इंसान ज़मीन पर अल्लाह का ख़लीफ़ा है, इरशाद होता है, और जब तुम्हारे रब ने इंसान को पैदा करना चाहा तो फ़रिश्तों से बताया, फ़रिश्तों ने कहा, क्या तू ज़म ...

क़ुर्आन की तिलावत की फ़ज़ीलत और उसका सवाब

वह घर जिसमें क़ुर्आन की तिलावत और अल्लाह का ज़िक्र किया जाता हो उसकी बरकतें बढ़ जाती हैं उसमें फ़रिश्ते नाज़िल होते हैं, शैतान उस घर को छोड़ देता है

क़ुर्आन की अहमियत ग़ैर मुस्लिमों की निगाह में

क़ुर्आन में कुछ ऐसी विभिन्न प्रकार की शिक्षाएं मौजूद हैं जो सबसे बुध्दिमान इंसान के दिमाग़ में भी नहीं आ सकती, दुनिया के बड़े से बड़े फ़्लास्फ़र और रा ...
क़ुरआनी शिक्षाएं (1)

अल्लाह के पास सारी चीज़ों की जानकारी है।

अल्लाह के पास सारी चीज़ों की जानकारी है।

क़ुर्आन पढ़ने के आदाब

क़ुर्आन पढ़ते समय अगर सूरए सजदा आयत 15, सूरए फ़ुस्सेलत आयत 37, सूरए नज्म आयत 62 और सूरए अलक़ आयत 19 में से अगर किसी की तिलावत की (या सुनी) तो उसी समय ...

क़ुर्आन क्यों पढ़ा जाए!!

अपने घरों को क़ुर्आन की तिलावत से रौशन करो, वह घर जिसमें क़ुर्आन अधिक पढ़ा जाता है उस घर में अल्लाह की बरकतें भी अधिक होतीं हैं, और उस घर की रौशनी आसम ...

आयतुल्लाह ख़ामेनई की निगाह में क़ुर्आन की अहमियत

क़ुर्आन से क़रीब होना हमें अल्लाह से क़रीब करता है, यह क़ुर्आनी जलसे और क़ुर्आनी प्रतियोगिता और हमारी हाफ़िज़ और क़ारियों की तरबियत की मुहिम यह सब केव ...

क़ुरआन हमसे नाराज़ है, कहीं यह हक़ीक़त तो नहीं?

अगर हम मुश्किलों और कठिनाईयों में फंसे हैं, अगर हम परेशान हैं, अगर हम पिछड़े हुए हैं, अगर हम कमज़ोर हैं, अगर हम अपने जीवन में ख़ुश नहीं हैं, अगर हमार ...
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