×
×
×

शादी

शहवत की रस्सी ज़्यादा मज़बूत दिखाई देती है क्योंकि शहवत एक ऐसी चीज़ है जो हर इंसान के अंदर पाई जाती है जबकि बहुत बार ऐसा देखा गया बहुत से इंसान ऐसे हैं जिनको ग़ुस्सा कभी नहीं आता लेकिन शहवत उनमें पाई जाती है, इसलिए शैतान का सबसे बड़ा हथकंडा शहवत है जिससे वह इंसानों को गुमराह करता है।

विलायत पोर्टल : शादी ब्याह कर के अपने घर बसाने का रीति रिवाज हर क़ौम और क़बीले में बहुत पुराने ज़माने से चलता आ रहा है और यह किसी ख़ास क़ौम या देश ही का तरीक़ा नहीं है बल्कि यह वह सुन्नत है जो इंसानियत के इतिहास से क़दम से क़दम मिला कर चली आ रही है और उसकी वजह यह है कि उसका रिश्ता इंसान की फ़ितरत और उसकी ख़्वाहिशों से है, हालांकि इस जगह पर अहम बात यह है कि दुनिया की अलग अलग क़ौम के बीच इसकी क्या अहमियत है? और वह उसे किस निगाह से देखते हैं और उनके यहां इस बारे में क्या रीति रिवाज पाए जाते हैं?
घर ख़ानदान, शौहर बीवी या वालेदैन और औलाद के एक दूसरे पर हुक़ूक़ से सबंधित जो सिस्टम और क़ानून बनाया गया है उसकी बहुत ज़्यादा अहमियत है, इस्लामी पॉइंट ऑफ व्यू से इस बारे में जानकारी हासिल करने के लिए बहुत सी किताबें अलग अलग लेंग्वेज में बाज़ार में मौजूद हैं।

शादी की अहमियत
इस्लाम में शादी को एक ख़ास अहमियत हासिल है और शादी को इंसान की तरक़्क़ी और उसके कमाल तक पहुंचने का अहम ज़रिया क़रार दिया गया है, हालांकि इस्लामी तालीमात में शादी एक मुस्तहब्बे मोअक्कद अमल है मगर उसके लिए जितनी ताकीद हदीसों में बयान हुई है उनको देखते हुए शादी के बारे में वाजिब होने का ख़्याल होता है।
और ज़्यादा समझने के लिए कुछ आयतों और हदीसों को देखा जा सकता है:
इरशाद होता है: और उसकी निशानियों में से यह भी है उसने तुम्हारा जोड़ा तुम्हीं में से पैदा किया है ताकि तुम्हें उससे सुकून हासिल हो और फिर तुम्हारे बीच मोहब्बत क़रार दी है कि इसमें फ़िक्र करने वालों के लिए बहुत सी निशानियां पाई जाती हैं। (सूरए रूम, आयत 21)
या एक दूसरी जगह इरशाद होता है: और अपने ग़ैर शादी शुदा लोगों........ के निकाह का बंदोबस्त करो। (सूरए नूर, आयत 32)
या इसी तरह पैग़म्बर स.अ. की कुछ हदीसों पर भी ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत है;
इरशाद होता है: निकाह मेरी सुन्नत है, इसलिए जिसने मेरी सुन्नत से मुंह मोड़ा वह मुझ से नहीं है। (बिहारुल अनवार, जिल्द 100, पेज 220)
या एक जगह आपने फ़रमाया: जिसने ग़रीबी की वजह से शादी नहीं की समझो उसने अल्लाह के बारे में बुरा ख़्याल किया। (उसूले काफ़ी, जिल्द 5, पेज 330)
एक और मक़ाम पर फ़रमाया: मेरी उम्मत में सबसे बेहतरीन लोग शादी शुदा और सबसे बुरे ग़ैर शादी शुदा लोग हैं। 

अल मुस्तदरक, जिल्द 14, पेज 156)

शादी के फ़ायदे
आयतों और हदीसों की रौशनी में शादी की अहमियत जानने के बाद हम उसके फ़ायदे और अहम नतीजे की तरफ़ निगाह डालते हैं;
** शादी का सबसे पहला फ़ायदा यह है कि इसी की वजह से इंसान की नस्ल बाक़ी रहती है और इंसानियत का सिलसिला जारी है, अल्लाह ने हर मर्द और औरत के अंदर जिंसी ख़्वाहिश ज़रूर रखी है ताकि वह उसका जाएज़ इस्तेमाल करते हुए नस्ल को आगे बढ़ा सके, जैसाकि हर इंसान चाहे मर्द हो या औरत उसकी यह आरज़ू और तमन्ना होती है कि उनकी गोद भी औलाद की नेमत से आबाद रहे जिससे उनकी आंखों को ठंडक और दिल को सुकून हासिल हो सके, जैसाकि क़ुरआन में यह दुआ मौजूद है: और वह लोग बराबर यह दुआ करते रहते हैं कि: ख़ुदाया! हमें हमारी बीवियों और औलादों की तरफ़ से आंखों में ठंडक अता फ़रमा। (सूरए फ़ुरक़ान, आयत 74)
** शादी से इंसान के अंदर हया, पाकदामनी और तक़वा का पहलू और मज़बूत हो जाता है और वह आसानी से शैतान के वसवसों और चालों से छुटकारा हासिल कर लेता है, क्योंकि हदीसों में है कि शैतान के दो अहम रास्ते हैं जिनसे शैतान हर इंसान को अपने कंट्रोल में ले लेता है, एक ग़ुस्सा दूसरे शहवत।
जैसाकि इमाम अली अ.स. ने फ़रमाया: शैतान के पास ग़ुस्सा और औरत से मज़बूत कोई और रस्सी नहीं है। ( ग़ुररुल हेकम, पेज 408)
अगर इन दोनों चीज़ों पर ध्यान दें तो हमें शहवत की रस्सी ज़्यादा मज़बूत दिखाई देती है क्योंकि शहवत एक ऐसी चीज़ है जो हर इंसान के अंदर पाई जाती है जबकि बहुत बार ऐसा देखा गया बहुत से इंसान ऐसे हैं जिनको ग़ुस्सा कभी नहीं आता लेकिन शहवत उनमें पाई जाती है, इसलिए शैतान का सबसे बड़ा हथकंडा शहवत है जिससे वह इंसानों को गुमराह करता है।
** ज़िंदगी में सुकून और चैन भी शादी का एक फ़ायदा है, क्योंकि इंसान अकेला रह कर मुरझाया हुआ रहता है उसे अपनी तन्हाई और अकेलेपन को दूर करने के लिए एक साथी की ज़रूरत होती है जो हर समय उसके साथ रहे हर दुख में उसका साथ दे, और शादी द्वारा उसकी यह समस्या बहुत आसानी से हल हो जाती है, हक़ीक़त में जीवनसाथी ऐसी नेमत होती है जो अपने पार्टनर का बोझ हल्का कर देती है।
.....................

लाइक कीजिए
1
फॉलो अस
नवीनतम