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यमन, काल के गाल में समाए 85 हज़ार बच्चे

पूरी दुनिया जानती है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकारों के समर्थन करने का ढोंग करता है जबकि वास्तविकता यह है कि वह महाशक्ति कहलाने वाले कुछ देशों के राजनेताओं के हाथों की कठपुतली है और उन्ही से आदेश लेता है।

विलायत पोर्टल : प्राप्त जानकारी के अनुसार यमन पर आले सऊद के हमलों के कारण इस देश में फैली महामारी और उपजे मानवीय संकट की वजह से लाखों लोग मारे गए है यूनेस्को ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि यमन के निहत्थे और असहाय लोगों पर सऊदी अरब के हमलों के कारण इस देश में भीषण मानवीय त्रासदी ने जन्म लिया है सऊदी अरब की बमबारी के नतीजे में बड़ी संख्या में मरने वाले बेगुनाह मर्द, औरत और बच्चों के अलावा सऊदी नाकाबंदी में घिरे लोगों तक मदद न पहुँचने के कारण 85 हज़ार बच्चे कुपोषण और भूख का शिकार होकर काल की गाल में समा चुके हैं।
सवाल यह है कि इतने जघन्य अपराधों पर भी संयुक्त राष्ट्र क्यों चुप्पी साधे हुए है ?
जवाब एक दम स्पष्ट है
पूरी दुनिया जानती है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार का समर्थन करने का ढोंग करता है जबकि वास्तविकता यह है कि वह महाशक्ति कहलाने वाले कुछ देशों के राजनेताओं के हाथों की कठपुतली है और उन्ही से आदेश लेता है।
इसलिए जहाँ जहाँ मानवाधिकारों के समर्थन एवं अन्य देशों के अधिकारों की बातें ज़ायोनी लॉबी और संयुक्त राष्ट्र को वित्तीय सहायता देने वालों के हितों को नुकसान पहुंचाता हो संयुक्त राष्ट्र सब अपराधों को देखते हुए भी अँधा बना रहता है।
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