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ईरान है मीडिल ईस्ट का सुल्तान, सऊदी - इस्राईल तो दूर मुक़ाबले में नहीं ठहरता अमेरिका

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अन्य देशों की तरह ना तो अरबों डॉलर खर्च किये न उनकी तरह किसी देश पर चढ़ाई कर उन पर क़ब्ज़ा किया ना ही खून खराबा मचाया क्योंकि वह जनता है कि किसी भी देश पर अतिक्रमण कर अपना प्रभाव और स्वीकार्यता नहीं बढ़ाई जा सकती ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार रशिया टुडे और ब्लूमबर्ग ने मीडिल ईस्ट में ईरान की प्रभावशाली भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान मीडिल ईस्ट का असली बाज़ीगर है वह क्षेत्र में चल रही जियो स्ट्रेटेजिक और जियो पॉलिटिकल जंग का असल विजेता है उसकी निति बहुत सादा है कम से कम खर्च और अधिक से अधिक हितों की पूर्ति, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अन्य देशों की तरह ना तो अरबों डॉलर खर्च किये  न उनकी तरह किसी देश पर चढ़ाई कर उनपर क़ब्ज़ा किया ना ही खून खराबा मचाया क्योंकि वह जनता है कि किसी भी देश पर अतिक्रमण कर अपना प्रभाव और स्वीकार्यता नहीं बढ़ाई जा सकती ।
 ब्रिटेन के प्रख्यात इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज IISS की 217 पेज की शोध रिपोर्ट के अनुसार ईरान अपनी इसी नीति पर चलते हुए युद्ध ग्रस्त मीडिल ईस्ट से विजेता के रूप में उभरा है।
सऊदी अरब और इस्राईल और विशेष रूप से अमेरिका के मुक़ाबले कम सैन्य बजट और कम संसाधनों के बावजूद ईरान इस क्षेत्र का विजेता है शायद यह रिपोर्ट आले सऊद के लिए बहुत बड़ा सबक़ हो जिन्हे यमन में अरबों डॉलर खर्च करने तथा लाखों बेगुनाह का खून बहाने के बाद भी ज़िल्लत ही हाथ लगी है  ।
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Riyasat Husain10 November 2019
Labbaik ya Husain
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