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आयतुल्लाह ख़ामेनई की नसीहत, प्रबंधन क्षमता नहीं है तो कोई ज़िम्मेदारी स्वीकार न करें

पैग़ंबरे इस्लाम स.अ. ने कहा है कि अबुज़र से अधिक कोई सच्चा नहीं, ज़मीन ने उन से सच्चे का भार नहीं उठाया आसमान ने उन से अधिक सच्चे पर साया नहीं किया।इन सबके बावजूद रसूले इस्लाम ने अबुज़र से फ़रमाया ऐ अबुज़र मैं जो अपने लिए पसंद करता हूँ वही तुम्हारे लिए भी पसंद करता हूँ लेकिन आप प्रबंधन में कमज़ोर हो अतः .....

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान की इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने अपने दर्से ख़ारिज से पहले रसूले इस्लाम की एक हदीस को पेश करते हुए ईरान पार्लियामेंट के लिए नामांकन कर रहे लोगों को संदेश देते हुए कहा कि हर पद की कुछ गरिमा और ज़िम्मेदारियाँ होती हैं अतः नामांकन करने वाले लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए ।
सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने रसूले इस्लाम स अ की हदीस पेश करते हुए फ़रमाया कि अबुज़र निहायत सच्चे और वफादार साथी थे पैग़ंबरे इस्लाम स.अ. ने कहा है कि अबुज़र से अधिक कोई सच्चा नहीं, ज़मीन ने उन से सच्चे का भार नहीं उठाया आसमान ने उन से अधिक सच्चे पर साया नहीं किया।
इन सबके बावजूद रसूले इस्लाम ने अबुज़र से फ़रमाया ऐ अबुज़र मैं जो अपने लिए पसंद करता हूँ वही तुम्हारे लिए भी पसंद करता हूँ
 लेकिन आप प्रबंधन में कमज़ोर हो अतः दो आदमी पर भी नियंत्रण मत चलाना यानी  दो आदमी पर भी सरदारी मत करना उनके हाकिम मत बनना।
 आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस हदीसे शरीफ की व्याख्या करते हुए कहा कि हर पद के लिए कुछ ज़िम्मेदारी, कुछ नियम और कुछ प्रतिबद्धताऐ  होती है, आप खुद का आत्मनिरीक्षण करें कि क्या आप इन ज़िम्मेदारियों को निभा सकते हैं या नहीं ? यह अपने आप में बहुत बड़ी सीख है ।
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