×
×
×

आले सऊद की हैवानियत, हर 10 मिनट में एक यमनी बच्चे की मौत

11 मिलियन से अधिक बच्चों समेत लगभग 21 मिलियन लोगों को जीवित रहने के लिए मानवीय सहायता की जरूरत है। यमन में 2,3 मिलियन बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। जबकि 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 400000 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण का शिकार हैं जिनकी मौत निश्चित है और वह निश्चित मौत का इंतजार कर रहे हैं।

विलायत पोर्टल : पिछले 7 वर्ष से भी अधिक समय से आले सऊद के वहशी हमलों और नाकाबंदी का शिकार यमन में मानव मानवीय संकट गहराता जा रहा है।  यमन युद्ध में सबसे अधिक पीड़ित, महिलाएं आम नागरिक और बच्चे हैं। यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक के अनुसार यमन के लगभग 11, 3 मिलियन बच्चों को जिंदा रहने के लिए तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता है।  हर 10 मिनट में यमन का एक बच्चा काल की गाल में समा जा रहा है।
यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरी फ़ोर ने कहा है कि हर 10 मिनट में एक यमनी  बच्चे की मौत हो जा रही है। वहीं 11, 3 मिलियन बच्चों को जीवित रहने के लिए तत्काल मानवीय सहायता की जरूरत है।  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में बयान देते हुए हेनरी ने कहा कि कुपोषण और बीमारी के कारण हर 10 मिनट में एक यमनी बच्चे की मौत हो जा रही है हालांकि अगर प्रयास किए जाएं तो इन कारणों को मिटाया जा सकता है और बच्चों को मौत से बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि 11 मिलियन से अधिक बच्चों समेत लगभग 21 मिलियन लोगों को जीवित रहने के लिए मानवीय सहायता की जरूरत है। यमन में 2,3 मिलियन बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। जबकि 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 400000 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण का शिकार हैं जिनकी मौत निश्चित है और वह निश्चित मौत का इंतजार कर रहे हैं।
आले सऊद की ओर से यमन की नाकाबंदी के कारण इस देश में जरूरी खाद्य पदार्थ समेत दवाओं का भी अकाल पड़ा हुआ है। यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक के अनुसार इस देश में 10 मिलियन से अधिक बच्चों और 5 मिलियन से अधिक महिलाओं को जरूरी स्वास्थ्य लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित 5 मिलियन महिलाओं और 10 मिलियन से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत है जो उन्हें उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
....................

लाइक कीजिए
0
फॉलो अस
नवीनतम