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डॉक्टर कल्बे सादिक़, जाते जाते भी शिक्षा की अलख जगा गए

जब हिंदुस्तान में सुनियोजित रूप से समाज को हिन्दू मुस्लिम और शिया सुन्नी में बांटा जा रहा था ऐसे माहौल में भी हिन्दू-मुस्लिम और शिया- सुन्नी एकता में डॉक्टर कल्बे सादिक़ साहेब का बड़ा योगदान था।  लखनऊ में शिया सुन्नी एकता के लिए आप ने ईदगाह में ईद की नामाज़ साथ पढ़कर एकता का पैगाम दिया था।

विलायत पोर्टल : देश के महान शिक्षाविद, और वरिष्ठ शिया धर्मगुरु डॉक्टर कल्बे सादिक़ की मौत से समाज तथा बुद्धिजीवी वर्ग विशेष रूप से शिया समुदाय में शोक की लहर है। डॉक्टर कल्बे सादिक़ देश विदेश में पहचाने जाने वाले प्रख्यात आलिम तथा शिक्षाविद थे।
जब हिंदुस्तान में सुनियोजित रूप से समाज को हिन्दू मुस्लिम और शिया सुन्नी में बांटा जा रहा था ऐसे माहौल में भी हिन्दू-मुस्लिम और शिया- सुन्नी एकता में डॉक्टर कल्बे सादिक़ साहेब का बड़ा योगदान था।  लखनऊ में शिया सुन्नी एकता के लिए आप ने ईदगाह में ईद की नामाज़ साथ पढ़कर एकता का पैगाम दिया था।

शिक्षा के क्षेत्र में उनकी खिदमत को हमेशा ही याद रखा जाएगा आपने अपनी वसीयत में भी शिक्षा को लेकर अपने चाहने वालों को जागरूक करते हुए कहा कि मेरे लिए कोई अच्छा काम, इसाले सवाब करना चाहते हो तो किसी ज़रूरतमंद की शिक्षा एवं तरबियत का प्रबंध करना और उसकी ज़िम्मेदारी उठाना !डॉक्टर कल्बे सादिक़ के निधन पर शिक्षा क्षेत्र के विश्व विख्यात हस्तियों समेत  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राहुल गाँधी समेत देश के जाने माने राजनेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है ।

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