Code : 798 12 Hit

वेनेज़ुएला में रूसी सैनिकों की तैनाती, मादुरो सरकार के तख़्तापलट की अमरीकी प्रयासों पर पानी फिर गया

ज़ख़ारोवा का कहना था कि सैन्य विशेषज्ञों को 2001 के समझौते के तहत भेजा गया है, जिसके लिए वेनेज़ुएला सरकार को संसद से अनुमति लेने की कोई ज़रूरत नहीं है।इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में उल्लेख किया गया था कि रूस ने बड़ी संख्या में हथियार और सैनिक वेनेज़ुएला भेजे हैं।

रूस का कहना है कि 2001 में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य तकनीक सहयोग समझौते के तहत सैन्य विशेषत्रों की तैनाती वेनेज़ुएला में की गई है।

रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ख़ारोवा ने इस रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा है कि दो रूस विमानों द्वारा रूसी सैन्य विशेषज्ञों का वेनेज़ुएला भेजा गया है।

ग़ौरतलब है कि वेनेज़ुएला तेल से समृद्ध दक्षिणी अमरीका का देश है, जहां अमरीका विरोधी सरकार है, जिसे वाशिंगटन गिराने के लिए भरपूर प्रयास कर रहा है।

ज़ख़ारोवा का कहना था कि सैन्य विशेषज्ञों को 2001 के समझौते के तहत भेजा गया है, जिसके लिए वेनेज़ुएला सरकार को संसद से अनुमति लेने की कोई ज़रूरत नहीं है।

इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में उल्लेख किया गया था कि रूस ने बड़ी संख्या में हथियार और सैनिक वेनेज़ुएला भेजे हैं।

मंगलवार को अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा के सलाहकार जॉन बोल्टन ने धमकी दी थी कि वाशिंगटन लोकतंत्र, सुरक्षा और क़ानून के शासन के पश्चिमी गोलार्ध में दुश्मन के सैन्य हस्तक्षेप को सहन नहीं करेगा।

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने भी वेनेज़ुएला में रूसी सैनिकों की तैनाती को स्थिति को अधिक बिगाड़ने के समान बताया है।

वहीं ज़ख़ारोवा का कहना था कि बोल्टन के बयान से साफ़ ज़ाहिर है कि अमरीका, लैटिन अमरीका को अभी भी अपने विशेष हितों का क्षेत्र समझता है, वह इसे अपनी जागीर समझता है, जहां वह जब चाहे हस्तक्षेप कर सके।

0
शेयर कीजिए
फॉलो अस
नवीनतम