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कैंसर की पहली स्टेज में दिखने लग जाते हैं शरीर में यह बदलाव जानिए क्या है वह लक्षण।

आज के दौर में कैंसर की बीमारी एख बहुत ही घातक बीमारियों में से एक है अगर कैंसर का पता लगाया जाए सके तो इसको कंट्रोल भी किया जा सकता है लेकिन अगर कैंसर के प्रति रक्षक अवधी से बाद में पता चले तो कैंसर का कोई भी इलाज मौजूदा समय में उपलब्ध नहीं है।

विलायत पोर्टलः आज के दौर में कैंसर की बीमारी एख बहुत ही घातक बीमारियों में से एक है अगर कैंसर का पता लगाया जाए सके तो इसको कंट्रोल भी किया जा सकता है लेकिन अगर कैंसर के प्रति रक्षक अवधी से बाद में पता चले तो कैंसर का कोई भी इलाज मौजूदा समय में उपलब्ध नहीं है। वैसे तो आपने टीवी और अखबारों में सुना जरूर होगा कि बहुत सारे लोग भारत से बाहर जाकर कैंसर का इलाज करवा कर ठीक हो जाते है लेकिन आपको शायद यह मालूम नहीं होगा कि इसलिए ठीक नहीं होते कि वह बाहर जाकर इलाज करवाते हैं बल्कि सही समय पर इलाज शुरू करवाते हैं इसलिए वह ठीक हो जाते हैं। ऐसा कुछ नहीं है कि भारत में कैंसर का इलाज कर पाना संभव नहीं है भारत में भी कैंसर का इलाज किया जा रहा है और भारत में भी कैंसर के मरीज को बचाया जा सकता है लेकिन जरूरी यह होता है कि कैंसर की स्टेज में है और इसका इलाज कर पाना स्टेज में संभव है या नहीं है।

जो लोग बाहर जाकर अपना इलाज करवाते हैं वह इस कारण ठीक हो जाते हैं क्योंकि उनको कैंसर की बीमारी के बारे में जल्दी पता लग जाता है और कैंसर के पूरे फैलने से पहले ही वह अपना इलाज करवाना आरंभ कर देते हैं इसी कारण वह इलाज करवाने में कामयाब हो जाते हैं और दूसरे एडवांस सर्जरी और मेडिसन वाले हॉस्पिटलों में जाकर वह अपना इलाज करवा लेते हैं आज हम आपको कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताएंगे कि अगर आपके शरीर में या किसी आपके रिलेटिव के शरीर में वह लक्षण दिखने लग जाए तो आप भी कैंसर का उपचार करवाना आरंभ कर दें और कैंसर को डिटेक्ट करने का टेस्ट डॉक्टर से जरूर करवाएं ताकि कैंसर के प्रारंभिक स्टेज में ही आपको अपनी बीमारी का पूर्ण ज्ञान हो जाए और उसके अनुसार ही आप अपना इलाज करवा सकें।

आपको कैंसर तो नहींइन तरीको से जानें।

चोट में लगातार खून का बहना भी कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर कैंसर की संभावना है तो इसके कारण खून मलाशय द्वारा बाहर निकलता है। यह कोलेन कैंसर का लक्षण है।

एक स्टडी के अनुसार 18% लोगो को शौच में बदलाव महसूस होते है। समयमल और आकार में बदलाव प्रमुख तौर पर सामने आये। वैसे ये बदलाव खाने की वजह से भी हो सकते है।

कैंसर की प्रारंभिक सटेज में शरीर का वजन अचानक से घटने लगता है और यह वजन 4 से 5 किलो तक भी 1 महीने के अंतराल में घट सकता है अगर आपको आपके शरीर में ऐसे लक्षण दिखाई दे तो आप कैंसर का डिटेक्टिंग टेस्ट जरूर कराएं।

शरीर में छोटी-छोटी गांठे बन्नी शुरू हो जाती हैं अगर आपको किसी जगह पर कोई गठिया फुंसी नजर आए तो आप अपना चेकअप जरूर करवाएं।

किसी एक अंग का अचानक से सूज जाना या मोटा होते जाना भी कैंसर के लक्ष्मण माने जा सकते हैं वैसे इसके कारण और भी कई बीमारियों के हो सकते हैं लेकिन आप ऐसा होने पर चिकित्सक से जरूर संपर्क करें।

उल्टी आना और उल्टी में खून आना भी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं पेट के कैंसर के दौरान अक्सर ऐसा होता है तो आप अपनी जांच जरूर कराएं।

सिर या मस्तिष्क के कैंसर के लक्षण आप अपनी आंखों की रौशनी मे परिवर्तन आते देख पता लगा सकते हैं अगर आपकी मस्तिष्क में या सिर में अचानक से दर्द होना शुरू हो और आंखों की रौशनी जाने लग जाए तो आपको कैंसर हो सकता है।

फेफड़ों के कैंसर के दौरान अगर आपको सांस लेने में तकलीफ हो या काफी लंबे समय तक आपको खासी या बलगम की शिकायत हो और आपको चक्कर आते हो आप कई बार बेहोश भी हो जाते हो तो आपकी फेफड़ों में कैंसर हो सकता है क्योंकि फेफड़ों के कैंसर के दौरान शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती जिसके कारण आदमी बेहोश और मस्तिष्क में चक्कर आने जैसी समस्याओं से घिर सकता है।


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