Code : 1395 110 Hit

यमन युद्ध मे यमन ने मारी बाज़ी, 45 सऊदी युद्धक विमानों पर यमनी सेना का नियंत्रण

यमन के जांबाज़ सिपाहों ने आले सऊद की ईंट से ईंट बजा रखी है।

विलायत पोर्टलः  यमन की सेना और स्वयं सेवी बल के जवानों ने सऊदी अरब के भीतर घुसकर कार्यवाहियां शुरु कर दी हैं जिसने सऊदी अरब और उसके घटकों की नींदे हराम कर दी हैं।

हाल ही में यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें दिखा गया है कि अंसारुल्लाह के जवानों ने सऊदी अरब के एक सैन्य हवाई अड्डे पर नियंत्रण कर लिया जिसके टर्मिनल में 45 युद्धक विमान सुरक्षित खड़े हुए हैं।

वर्तमान समय में यमन की सेना और स्वयं सेवी बलों ने सऊदी अरब के भीतर घुसकर कार्यवाहियां शुरु कर दी हैं जिसमें अब तक 150 से अधिक सऊदी सैनिक और किराए के एजेन्ट मारे जा चुके हैं।

यमनियों ने इससे पहले राजधानी रियाज़ के पश्चिम में स्थित दो आयल पम्पिंग सेंटर्ज़ को भी निशाना बनाकर महत्वपूर्ण पाइपलाइन को निशाना बनाया था। अंसारुल्लाह के नेता मुहम्मद बुख़ैती ने कहा है कि अंसारुल्लाह की लिस्ट में 300 टारगेट हैं जिन्हें ध्वस्त किया जाना है।

वैसे सऊदी अरब की सरकार तो यह आरोप लगाती है कि अंसारुल्लाह आंदोलन ने पवित्र नगर मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन सऊदी अरब के इस दावे पर कोई भी विश्वास करने के लिए तैयार नहीं है। पवित्र स्थलों के बारे में यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन का कहना है कि यदि उसे पूरी तरह तबाह कर दिया जाए तब भी वह मक्का जैसे पवित्र शहर को निशाना बनाने की कल्पना तक नहीं कर सकते।

इस तरह अगर देखा जाए तो सऊदी अरब और इमारात का एलायंस यमन में केवल आम नागरिकों को नुक़सान पहुंचाता रहा है यमन की प्रतरोधक शक्ति में इस गठजोड़ के हमलों से कोई कमी नहीं आई है बल्कि उनकी प्रतिरोधक ताक़त लगातार बढ़ती जा रही है।

इस लड़ाई में यमन की सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन ने क्षेत्रीय जनमत के स्तर पर अपनी बहुत अच्छी छवि बनाई है। सऊदी अरब अंधाधुंध हमले कर रहा है जिसमें आम नागरिक निशाना बना रहे हैं। इस बात पर सऊदी अरब की आलोचना उन देशों में भी हो रही है जो सऊदी अरब के घटक समझे जाते हैं मगर इसके जवाब में यमनी सेना  और अंसारुल्लाह आंदोलन ने हमेशा इस बात का खयाल रखा कि उनके हमलों में कोई आम नागरिक निशाना न बनने पाए।

यहां पर मुझे यमन के ताक़तवर अंसारुल्लाह आंदोलन के एक नेता मुहम्मद बुख़ैती का कथन याद आ रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि हम रियाज़ और अबू धाबी के इंटरनैशनल एयरपोर्ट बंद करवा देने की क्षमता रखते हैं। 27 जुलाई 2018 को अबू धाबी के इंटरनैशनल एयरपोर्ट के भीतर ड्रोन हमले की वीडियो की ओर संकेत करते हुए मुहम्मद बुख़ैती ने कहा था कि यह वीडियो साबित करती है कि इमारात के पास सच बोलने की हिम्मत नहीं है। इमारात ने हमले के समय कहा था कि कोई हमला नहीं हुआ है।

पारस टुडे

0
शेयर कीजिए
फॉलो अस
नवीनतम