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बुध्दिमान बच्चों के लक्षण

एक मशहूर कहावत है एक कान से सुन कर दूसरे कान से उड़ा देना, अधिकतर बच्चे इस कहावत पर खरे उतरते हैं, लेकिन वह बच्चे जो चीज़ों और यादों को बचा कर दिमाग़ में रखते हैं वह तेज़ बुध्दि वाले कहलाते हैं

विलायत पोर्टलः बहुत सारे वालेदैन बच्चों के बड़े होने से पहले ही उनके आगे बढ़ने और तेज़ बुध्दि रखने के सपने देखने लगते हैं, लेकिन अधिकतर बच्चे केवल अपने वालेदैन कि निगाह में अधिक बुध्दिमान होते हैं, इसके बावजूद कुछ बच्चे सच में सामान्य बच्चों को देखते हुए अधिक बुध्दिमान होते हैं, क्या आपका बच्चा भी इसी सूची में है, जानने के लिए यहाँ कुछ लक्षण को बयान किया जा रहा है।

जल्दी बोलना शुरू करना: ध्यान रहे केवल बच्चे का जल्दी बोलना उसके अधिक बुध्दमान होने का संकेत नही है बल्कि उसका जल्द ही शब्दों और वाक्यों का प्रयोग करना उसकी बुध्दिमानी की ओर संकेत होता है, जैसे दो साल का एक सामान्य बच्चा इस प्रकार बोलता है कि एक कुत्ता वहाँ है, लेकिन अधिक बुध्दि वाला बच्चा इस प्रकार कहेगा कि, एक भूरा कुत्ता आँगन में खड़ा फूल की ख़ुशबू सूँघ रहा है।

कठिन बातों का समझना: अधिक बुध्दि वाले बच्चे कठिन बातों को समझने में सक्षम होते हैं, वह बातों को मतलब निकाल लेते हैं, और वह कठिनाईयों को समझते हुए हमेशा उनको हल करने की सोंचते हैं।

छोटी बातों पर भी ध्यान देना: सामान्य बच्चों से अधिक बुध्दि रखने वाला और होशियार बच्चा हमेशा छोटी छोटी बातों पर भी ध्यान देता है, जैसे कम उम्र का बच्चा जिस स्थान से खिलौना उठाता है उसे वहीं पर रखता है, या अगर कोई चीज़ अपनी जगह पर न रखी हो तो वह तुरंत समझ जाएगा।

कई विषय में रुचि रखनातेज़ बुध्दि वाले बच्चे कई विषय में दिल्चस्पी रखते हैं, जैसे हो सकता है कि वह एक महीना डायनासोर की ओर आकर्षित हों और उन्हीं की कहानी सुनें उन्हीं की बातें करें और अगले महीने अंतरिक्ष की बातों में उनकी दिल्चस्पी दिखाई देने लगे।

चीज़ों का दिमाग़ में महफ़ूज़ रखना: एक मशहूर कहावत है एक कान से सुन कर दूसरे कान से उड़ा देना, अधिकतर बच्चे इस कहावत पर खरे उतरते हैं, लेकिन वह बच्चे जो चीज़ों और यादों को बचा कर दिमाग़ में रखते हैं वह तेज़ बुध्दि वाले कहलाते हैं, जैसे कोई 6 साल का बच्चा अंतरिक्ष की तस्वीरों और वहाँ घटने वाली घटनाओं को देख कर दिमाग़ में महफ़ूज़ कर के रखता है और कुछ दिनों बाद अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट की तस्वीर बना देता है।

आर्ट और म्यूज़िक में रुचि रखना: वह बच्चे जो आर्ट और म्यूज़िक में ख़ास रुचि रखते हैं वह भी तेज़ बुध्दि वाले होते हैं, वह बच्चे जो कम आयु में पास और दूर के फ़र्क़ को समझते हुए आर्ट बनाते हैं, यह उनका एक विशेष हुनर है जो उन्हें तेज़ बुध्दि वाले बच्चों की सूची में शामिल करवाता है।

कम आयु से लिखना पढ़ना सीखना: अगर आप का बच्चा पैदाइश के समय से ही तेज़ बुध्दि रखता है तो वह बहुत जल्द लिखना और पढ़ना शुरू कर देगा, यानी वह स्कूल जाने से पहले ही लिखना पढ़ना सीख लेगा।

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