×
×
×

तवक्कुल

अपनी मेहनत और कोशिश से ज़्यादा अल्लाह पर तवक्कुल और पूरा भरोसा होना चाहिए क्योंकि अल्लाह के अलावा कोई ताक़त और हिम्मत नहीं है।

विलायत पोर्टल: जो लोग किसी इल्मी काम में व्यस्त रहते हैं जैसे इल्म हासिल करना, पढ़ाना, किताबें लिखना, आर्टिकल लिखना या किसी विषय पर रिसर्च करना इन सभी लोगों के लिए जहां ख़ुद पर भरोसे से साथ साथ अपने दिमाग़ से ख़ुद को दूसरों से कमज़ोर समझने को निकालना ज़रूरी है वहीं यह भी ज़रूरी है कि वह अल्लाह पर भरोसे को अपना मक़सद क़रार दें, क्योंकि इल्मी कामों में कड़ी मेहनत की ज़रूरत होती है, सुस्ती या आराम द्वारा यह दौलत हाथ नहीं आती है, इसलिए ख़ुद को एक सख़्त जेहाद यानी कड़ी मेहनत के लिए तैयार करना बेहद ज़रूरी है, और अपनी मेहनत और कोशिश से ज़्यादा अल्लाह पर तवक्कुल और पूरा भरोसा होना चाहिए क्योंकि अल्लाह के अलावा कोई ताक़त और हिम्मत नहीं है। (لا حول و لا قوۃ الا بالله

दूसरी बात यह जो लोग इस तरह के कामों में बिज़ी रहते हैं आमतौर पर उनकी आमदनी कम होती है और वह आमदनी की तरफ़ जितना ध्यान देना चाहिए नहीं दे पाते जिसकी वजह से वह माली मुश्किल में फंसे रहते हैं और कभी कभी तो दूसरे लोगों के सामने हाथ फैलाने पर मजबूर हो जाते हैं जबकि अल्लाह ने उनकी रोज़ी का ख़ुद वादा किया है, जैसाकि पैग़म्बर स.अ. ने भी फ़रमाया: अल्लाह ने सारे लोगों की रोज़ी की ज़िम्मेदारी लेने के अलावा इल्म हासिल करने वालों की रोज़ी की ख़ास ज़िम्मेदारी ली है। 

(कंज़ुल-उम्माल, 28701, मुनिय्यतुल मुरीद, पेज 160)

इसलिए जो भी इल्म की राह में क़दम रखे वह दूसरों पर भरोसा और तवक्कुल करने के बजाए अल्लाह पर भरोसा और तवक्कुल करे और रोज़ी उसी से मांगे और अपनी इल्मी एक्टिविटीज़ में मेहनत से लगा रहे। 

तीसरी बात यह कि ऊंचे स्थान और पद केवल तालीम ही से हासिल नहीं होते हैं क्योंकि हक़ीक़त में इल्म एक नूर है जो अल्लाह के एख़्तियार में है वह जिसे चाहे इल्म की दौलत से मालामाल कर सकता है जैसाकि इमाम सादिक़ अ.स. ने फ़रमाया: इल्म सीखने से हाथ नहीं आता है बल्कि वह तो एक ऐसा नूर है कि अल्लाह जिसकी हिदायत करना चाहता है उसके दिल में डाल देता है। 

(बिहारुल अनवार, जिल्द 1, बाब 7, पेज 224)

इसलिए इल्म की हक़ीक़त तक पहुंचने के लिए अल्लाह से हिदायत तलब करते रहना चाहिए और जब उस राह में क़दम बढाए तो उसी पर तवक्कुल रहे और इस बात का यक़ीन रहे कि अल्लाह ने बंदों की हिदायत का जो वादा किया है उसे ज़रूर पूरा करेगा।

लाइक कीजिए
0
फॉलो अस
नवीनतम
हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई के बया ...

इस्लामी एकता के परिणाम