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ईरान की रणनीति, अमरीका के मुक़ाबले में रक्षा और जैसे को तैसा जवाब देना है

ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी में विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख हशमतुल्लाह फ़लाहत पीशीने ने अमरीकी रणनीति को ईरान के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक युद्ध बढ़ाना क़रार दिया है।

विलायत पोर्टलः  राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख ने रविवार को संसद की खुली बैठक में तेहरान के साथ वार्ता के लिए वाशिंग्टन की तत्परता पर आधारित अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के बयान की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीका के साथ वार्ता के लिए विशेष शर्त है, ईरान ने इस्लामी क्रांति के बाद एक बार गंभीरता से परमाणु मुद्दे पर अमरीका से वार्ता की जो अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकलने से व्यवहारिक नहीं हो सका।

ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी में विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख हशमतुल्लाह फ़लाहत पीशीने ने कहा कि ईरान ऐसी वार्ता नहीं करेगा जिसका परिणाम हार और जीत हो। उनका कहना था कि इसके साथ ही ईरान संकट नहीं बढ़ाना चाहता और उसका यह मानना है कि भविष्य में अमरीकी दृष्टिकोण कमज़ोर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की रणनीति, अमरीका के मुक़ाबले में रक्षा और जैसे को तैसा जवाब देना है, दूसरे शब्दों में अतीत में ईरान ने अमरीका की दुश्मनी को पहचान लिया है और उसके मुक़ाबले में रक्षा में व्यवस्त है।

पारस टुडे

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