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अमरीकी सरकार एक दुष्ट सरकार है जो युद्ध करने, फूट डालने और देशों को लूटने में सबसे आगे रहती हैः सुप्रीम लीडर

इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने कहा कि अमरीका की ओर से ईरान को दिया जाने वाला वार्ता का प्रस्ताव ईरान को निरस्त्र करने और शक्ति के सभी कारकों से वंचित कर देने की साज़िश है।

विलायत पोर्टलः इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर ने बुधवार को न्यायपालिका के प्रमुख तथा अधिकारियों, जजों और कर्मचारियों से मुलाक़ात में कहा कि अमरीका का वार्ता का प्रस्ताव एक धोखा है। उन्होंने कहा कि ईरान की शक्ति के मूल कारकों और पहलुओं के कारण अमरीकी आगे आने से डर रहे हैं अतः उनकी कोशिश है कि वार्ता के माध्यम से ईरान की शक्ति के मूल कारकों को छीन लें।

इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर ने दुनिया की सबसे दुष्ट अमरीकी सरकार की ओर से ईरानी राष्ट्र के अपमान, अपशब्दों और झूठे आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया की सबसे घृणित और दुष्ट सरकार जो युद्ध करने, फूट डालने देशों को लूटने में सबसे आगे रहती है वह अमरीकी सरकार है जो ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ हर दिन नए आरोप लगाती है लेकिन ईरान की जनता इन आरोपों से घबराने या पीछे हटने वाली नहीं है।

इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा  ख़ामेनई ने अमरीका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को खुला हुआ अत्याचार बताया और कहा कि चार दशकों में ईरानी विशेषताओं और इस्लामी पहिचान के संगम के कारण विश्व की साम्राज्यवादी शक्तियों की ओर से भारी दबाव डाला गया लेकिन इसका ईरानी राष्ट्र के मिशन पर कोई असर नहीं पड़ा।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने कहा कि ईरान की पीड़ित मगर शक्तिशाली जनता ईश्वर की कृपा से आज भी पहाड़ की मज़बूती के साथ खड़ी है और अपनी शक्ति के साथ अपने रास्ते पर आगे बढ़ती रहेगी अपने समस्त लक्ष्य हासिल करेगी।

इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर ने 11 फ़रवरी के जुलूसों और विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों, इसी प्रकार विभिन्न चुनावों में जनता की भरपूर भागीदारी को ईरानी राष्ट्र के सराहनीय संकल्प का चिन्ह बताया और कहा कि इस साल के आख़िर में भी कुछ गलियारों की ओर से संदेह पैदा करने की कोशिशों के बावजूद जनता चुनावों में बढ़ चढ़ कर भाग लेगी और अपनी प्रतिष्ठा का दृष्य पेश करेगी।

इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने अमरीकियों द्वारा मानवाधिकार के दुरुपयोग का हवाला देते हुए कहा कि आप लगभग 300 बेगुनाह यात्रियों को हवा में मार डालते हैं, आप सऊदियों की मदद करके यमन में लगातार अपराध कर रहे हैं और उसके बाद भी मानवाधिकार का दंभ भरते हैं।

पारस टुडे

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