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ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान को स्टाक्सनेट वाइरस के माध्यम से नुक़सान पहुंचाने की अमरीका व ज़ायोनी शासन की कोशिश नाकाम

ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा है कि अमरीका की नई आतंकी नीतियों ने देशों की पहचान और प्रभुसत्ता को लक्ष्य बना लिया है।

विलायत पोर्टलः अली शमख़ानी ने मंगलवार को दक्षिणी रूस के ऊफ़ा शहर में संसार के देशों के सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों के दसवें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान को स्टाक्सनेट वाइरस के माध्यम से नुक़सान पहुंचाने की अमरीका व ज़ायोनी शासन की कोशिश की तरफ़ इशारा करते हए कहा कि इस साइबर अटैक पर संसार की ओर से ख़ामोशी या कमज़ोर प्रतिक्रिया के कारण ही आज अमरीका में वेनेज़ुएला के बिजली प्रतिष्ठान पर हमला करने का दुस्साहस पैदा हुआ है।

उन्होंने ट्रम्प के अमरीका को संसार का सबसे बड़ा युद्ध प्रेमी देश बताया और कहा कि अमरीका ने वैश्विक व्यवस्था की सुरक्षा को एकपक्षीय नीतियों और सीमा पार प्रतिबंधों के माध्यम से अस्थिर बना दिया है और वह मुद्रा वबैंकिंग व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा चैनलों को स्वाधीन देशों के ख़िलाफ़ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने इसी तरह अमरीका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के योजनाबद्ध उल्लंघन और वैश्विक समझौतों से एकपक्षीय ढंग से बाहर निकलने की ओर इशारा करते हुएकहा कि संसार के स्वाधीन देशों को बहुपक्षीय तंत्र बना कर अमरीका के मुक़ाबले में डट जाना चाहिए।

पारस टुडे

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