राफ़ेज़ा की परिभाषा।

शियों को राफ़िज़ी कहने का कारण यह था कि शिया हज़रत अली (अ.) से स्नेह अभिव्यक्ति करते थे आपकी प्रमुखता व श्रेष्ठता का उल्लेख करते और आपको दूसरों से उत्तम व श्रेष्ठ समझते थे हालांकि अमवी शासकों की दृष्ट ...

27 April 2019 06:13 am130 Hit

शिया परिभाषा की उत्पत्ति।

हदीसों से यह स्पष्ट हो जाता है कि अली (अ.) के चाहने वालों और उनका अनुसरण करने वालों को सबसे पहले पैग़म्बर अकरम (स.) ने ही शिया कहा है। चूँकि यह परिभाषा पैग़म्बरे इस्लाम के युग में प्रसिद्ध हो चुकी थी ...

16 April 2019 08:01 pm71 Hit

शियों का इमामत के बारे में अक़ीदा

इमाम का हर तरह की बुराई छोटे बड़े गुनाह से मासूम होना ज़रूरी है, क्योंकि जो मासूम नहीं होगा और गुनाह करेगा वह लोगों का भरोसेमंद नहीं बन सकता और जब लोगों का उस भरोसा नहीं होगा तो ज़ाहिर है उसकी बात भी ...

7 April 2019 12:22 pm14 Hit

पैग़म्बर स.अ. और अहले बैत अ.स. की निगाह में रमज़ान की अहमियत

अगर कोई इंसान रमज़ान की अहमियत को समझ ले तो वह पूरे साल रमज़ान के बाक़ी रहने की दुआ करेगा।

6 April 2019 04:59 pm28 Hit

पारिभाषा में शिया किसे कहते हैं।

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम की बिला फ़स्ल इमामत (अर्थात रसूले इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम के बाद, बिना किसी फ़ासले के आपको पहले नम्बर पर उनका उत्तराधिकारी स्वीकार करना) पर यक़ीन र ...

3 April 2019 10:40 pm73 Hit

बरज़ख़ में इंसान की हालत

बरज़ख़ में इंसान की जगह और उसकी हालत उसके आमाल के हिसाब से तय होगी, अल्लाह के नेक बंदे और शहीद जन्नत जैसी ज़िंदगी गुज़ारेंगे, जैसाकि क़ुर्आन ने शहीदों के बारे में फ़रमाया है कि जो लोग अल्लाह की राह मे ...

31 March 2019 04:44 pm89 Hit

पुले सेरात

नमाज़ को उसके समय आते ही पढ़ने की अहमियत के बारे में एक सहाबी से पैग़म्बर स.अ. की हदीस नक़्ल हुई है कि आपने फ़रमाया जो भी नमाज़ को उसके समय आते ही पढ़ेगा अल्लाह उसके बदले नौ चीज़ें देगा, 1. वह अल्लाह ...

30 March 2019 04:30 pm113 Hit

क़ब्र में होने वाले सवाल जवाब

क़ब्र में दफ़्न होते ही बरज़ख़ की दुनिया शुरू हो जाती है और जैसे ही इंसान क़ब्र में दफ़्न किया जाता है उसी समय यह दोनों फ़रिश्ते क़ब्र में आते हैं, मरने के बाद इंसान कई घंटों बल्कि शुरुआती कई दिनों तक ...

30 March 2019 04:18 pm172 Hit

ख़ाके शिफ़ा

कुछ हदीसों में है कि केवल वह ख़ाक इमाम अ.स. की क़ब्र की ख़ाक कही जाएगी जो इमाम के सर और पाक बदन के पास की हो, जैसाकि इमाम सादिक़ अ.स. फ़रमाते हैं कि, इमाम हुसैन अ.स. के मुबारक सर के पास लाल ख़ाक है जि ...

30 March 2019 03:05 pm151 Hit

डिक्शनरी में शिया का मतलब

अरबी डिक्शनरीज़ में शिया शब्द, किसी एक इंसान या कई इंसानों का किसी दूसरे की बात मानना, किसी की मदद व सपोर्ट करना, तथा कहने या करने में समन्वयन और हमाहंगी के मतलब में इस्तेमाल किया जाता है।

18 March 2019 09:42 pm12 Hit
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