हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
سه شنبه - 2019 مارس 26
हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
Languages
Delicious facebook RSS ارسال به دوستان نسخه چاپی  ذخیره خروجی XML خروجی متنی خروجی PDF
کد خبر : 98402
تاریخ انتشار : 20/4/2016 19:33
تعداد بازدید : 12

ओबामा ने दी सऊदी अरब को 9/11 का बिल आऊट करने की धमकी।

वाइट हाउस ने इस बात का संकेत दिया है कि राष्ट्रपति ओबामा उस बिल को वीटो कर देंगे जिसमें 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमले में सऊदी शाही परिवार के सदस्यों की मिले होने की स्थिति में उन्हें अमरीकी कोर्ट में हाज़िर करने की अमेरीकियों को इजाज़त दिए जाने की मांग की गई है।


विलायत पोर्टलः वाइट हाउस ने इस बात की तरफ़ इशारा किया है कि राष्ट्रपति ओबामा उस बिल को वीटो कर देंगे जिसमें 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमले में सऊदी शाही परिवार के सदस्यों की मिले होने की स्थिति में उन्हें अमेरीकी कोर्ट में हाज़िर करने की अमेरीकियों को इजाज़त दिए जाने की मांग की गई है। वाइट हाउस के प्रवक्ता जॉश अर्नेस्ट ने सोमवार को कहा, “चिंताजनक बिन्दुओं की लंबी सूचि के मद्देनज़र, मैं यह कह चुका हूं कि उस स्थिति की कल्पना करना मुश्किल है जिसमें राष्ट्रपति उस बिल पर दस्तख़त करें जिसे तय्यार किया जा रहा है।” इस विधेयक को डेमोक्रेटिक सेनेटर चक शूमर और रिपब्लिकन सेनेटर जॉन कॉर्निन ने पेश किया है। अगर यह बिल पास हो गया तो अमेरीका की धरती पर किसी आतंकवादी हमले में किसी अमेरीकी के मारे जाने की स्थिति में, विदेशी सरकारों से अमेरीका की अदालती कार्यवाही से मुक्ति की सुविधा ख़त्म हो जाएगी। जॉश अर्नेस्ट ने कहा कि इस बिल से अमेरीकियों के लिए विदेश में ख़तरा पैदा हो जाएगा क्योंकि दूसरे राष्ट्र भी जवाबी कार्यवाही करते हुए ऐसे क़ानून पास करांएगे। दूसरी तरफ़ न्यूयॉर्क टाइम्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने इस बिल के कांग्रेस द्वारा पास किए जाने की स्थिति में अमेरीका में मौजूद अपनी 750 अरब डॉलर की संपत्ति बेचने की धमकी दी है। जॉश अर्नेस्ट ने इस संदर्भ में सऊदी सरकार को इस तरह का क़दम उठाने की ओर से सचेत किया है। उन्होंने कहा,“बड़ी व आधुनिक अर्थव्यवस्था से संपन्न सऊदी अरब जैसे देश को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाज़ार को अस्थिर करने से कोई फ़ायदा नहीं होगा और न ही अमेरीका को।” अमेरीका के कई सांसदों ने वाइट हाउस से उन दस्तावेज़ों को पब्लिक में आम करने की मांग की है जिससे 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमले में सऊदी अरब की संभावित संलिप्तता का पता चल सकता है। अमेरीकी कांग्रेस के पूर्व सदस्यों का कहना है कि 28 गोपनीय पन्नों से पता चलता है कि 2 सऊदी नागरिकों को जो 9/11 के हमले में मिले हुए थे, अमेरीका में रहने के दौरान रियाज़ से मदद व समर्थन मिला था।
................
तेहरान रेडियो


نظر شما



نمایش غیر عمومی
تصویر امنیتی :