हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 98317
تاریخ انتشار : 19/4/2016 18:3
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हिज़्बुल्लाह अपना दृष्टिकोण बिल्कुल नहीं बदलेगा।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन की कार्यकारणी परिषद के उपाध्यक्ष ने कहा है कि इस संगठन का दृष्टिकोण सुई की नोक के बराबर भी नहीं बदलेगा।


विलायत पोर्टलः लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन की कार्यकारणी परिषद के उपाध्यक्ष ने कहा है कि इस संगठन का दृष्टिकोण सुई की नोक के बराबर भी नहीं बदलेगा। भले ही उसके खिलाफ़ जारी होने वाली विज्ञप्तियां कई टन हो जाएं। शेख नबील क़ाऊक़ ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में आयोजित एक विशेष समारोह में इस बात पर ज़ोर देकर कहा कि इन विज्ञप्तियों को जारी करने वाले इससे कमज़ोर और छोटे हैं कि वे प्रतिरोध के इरादे को तोड़ सकें। ज्ञात रहे कि इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी की 13वीं बैठक की विज्ञप्ति का मसौदा रियाज़ के दबाव और प्रलोभन में सऊदी अरब के जद्दा नगर में तैयार हुआ था और अभी हाल ही तुर्की के इस्तांबोल नगर में होने वाले ओआईसी के शिखर सम्मेलन में समीक्षा किए बिना उसे पढ़ दिया गया जिसका जायोनी शासन ने स्वागत किया है। हिज़्बुल्लाह की कार्यकारणी परिषद के उपाध्यक्ष ने इसी तरह साफ़ किया कि कुछ को जान लेना चाहिये कि वे अरब देशों, फार्स की खाड़ी और इस्लामी देशों में होने वाली बैठकों के पीछे नहीं छिप सकते। उन्होंने कहा कि अतिक्रमणकारियों के माथे पर यमनी, बहरैनी, इराक़ी और सीरियाई जनता के खून का जो धब्बा लगा है उसे वे छिपा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की अतिक्रमणकारी व्यवस्था जो यह दावा करती है कि उसे प्रतिरोध के मुकाबले में बहुत कामयाबी मिली है उससे कहीं ज़्यादा उसे नुकसान उठाना पड़ा है और इस समय दुनियां में उसकी छवि खराब हो गई है और उसकी भूमिका ख़त्म हो गई है और वह विज्ञप्ति जारी करके उसकी भरपाई नहीं कर सकती।
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तेहरान रेडियो


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