हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 98233
تاریخ انتشار : 18/4/2016 19:10
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यमन की शांति वार्ता और बढ़ी।

यमन के संघर्षरत पक्षों ने शांतिवार्ता के विलंबित होने की ख़बर दी है। रोइटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यमनी पक्षों ने एलान किया है कि यमन की शांति वार्ता, जो सोमवार 18 अप्रैल को कुवैत में आयोजित होने वाली थी देरी का शिकार हो गई।


विलायत पोर्टलः यमन के संघर्षरत पक्षों ने शांतिवार्ता के विलंबित होने की ख़बर दी है। रोइटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यमनी पक्षों ने एलान किया है कि यमन की शांति वार्ता, जो सोमवार 18 अप्रैल को कुवैत में आयोजित होने वाली थी देरी का शिकार हो गई। यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह ने सऊदी गठबंधन की तरफ़ से जारी संघर्ष विराम का हवाला देते हुए बातचीत में शामिल होने से इन्कार कर दिया है। अंसारुल्लाह का प्रतिनिधि मंडल और अली अब्दुल्लाह सालेह के कंट्रोल वाले जनरल पिपल्ज़ कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल भी कुवैत नहीं गया। अभीतक यह नहीं पता चल सका है कि बातचीत का यह दौर कब आयोजित होगा ? यमन के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के ख़ास दूत इस्माईल वलद शैख़ ने यमनी पक्षों के बीच ग्यारह अप्रैल को लागू होने वाले संघर्ष विराम के उल्लंघन की तरफ़ से सचेत किया है। ज्ञात रहे कि सोमवार 18 अप्रैल को यमन से संबन्धित शांति वार्ता कुवैत में शुरू होने वाली थी जिसमें असारुल्लाह और इस देश के त्यागपत्र दे चुके राष्ट्रपति मंसूर हादी के प्रतिनिधि भाग लेने वाले थे। इससे पहले स्वीज़रलैंड में होने वाली शांति वार्ता का भी कोई नतीजा नहीं निकल सका था।
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तेहरान रेडियो


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