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Code : 98029
Date of publication : 16/4/2016 19:8
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इस्राईल, क्षेत्र में हिंसा व चरमपंथ की जड़ हैः हसन रूहानी

राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने इस्लामी देशों के बीच संबंधों को मजब़ूत करने को ईरान की प्राथिमकता बताया है।


विलायत पोर्टलः राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने इस्लामी देशों के बीच संबंधों को मजब़ूत करने को ईरान की प्राथिमकता बताया है। डाक्टर हसन रूहानी ने बृहस्पतिवार को इस्तांबोल में इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी की 13वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आज इस संगठन के सदस्य शांति और इंसाफ़ के लिए एकता व एकजुटता के नारे के साथ इस्तांबोल में जमा हुए हैं, दुनिया में मुसलमानों के संयुक्त भविष्य के बारे में चिंतन मनन का बेहतरीन मौक़ा है। राष्ट्रपति रूहानी ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कि इस्लामी सहयोग संगठन में मतभेद फैलाने की किसी भी कार्यवाही का महत्व नहीं है, कहा कि इस्लामी दुनिया में मतभेद, सभी की समस्या है और मतभेदों तथा भ्रांतियों का हल सिर्फ़ कूटनयिक रास्ते और शांतिपूर्ण बातचीत द्वारा ही मुमकिन है। राष्ट्रपति रूहानी ने इस्लामी जगत में धर्मों के बीच मतभेद फैलाने और चरमपंथ को हवा देने की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि इस्लामी सभ्यता का पतन उस समय शुरू हुआ जब बड़ी इस्लामी शक्तियां आपसी सहयोग के बजाए एक दूसरे से परिणामहीन झगड़ों में उलझ गईं और उन्होंने विदेशी हमले की भूमिका प्रशस्त की। राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कुछ देशों की तरफ़ से इस्लाम को हिंसक और अपराधी बताने के उद्देश्य से इस्लाम विरोधी गुटों की वित्तीय व सामरिक मदद पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि इस्लामी देशों को चाहिए कि इस्लामी देशों को चाहिए कि इस्लाम के नाम पर शांति और हिंसा के मुक़ाबले के लिए वैश्विक गठबंन में अग्रणी रहें और क्षेत्र व दुनिया के सारे इंसानों के लिए स्थाई शांति और उनके समस्त अधिकारों को वापस दिलाएं। राष्ट्रपति रूहानी ने ज़ायोनी शासन को हिंसा और चरमंपथ की जड़ बताते हुए कहा कि फ़िलिस्तीनी जनता का जनसंहार और गज़्ज़ा के परिवेष्टन का जारी रहना, ज़ायोनी शासन की हिंसक प्रवृत्ति का चिन्ह है। उन्होंने कहा कि खेद की बात यह है कि विश्व समुदाय विशेषकर पश्चिमी शक्तियों की निश्चेतना की वजह यह शासन अपनी पाश्विकता जारी रखे हुए है। डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि अतिक्रमण, धमकियों, अतिग्रहण और आतंकवाद के मुक़ाबले में ईरान, सदैव ही इस्लामी देशों और मुसलमानों का समर्थक रहा है और रहेगा।
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तेहरान रेडियो


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