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کد خبر : 97896
تاریخ انتشار : 14/4/2016 17:23
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सऊदी अरब को ज़रीफ़ ने दी चेतावनी।

तुर्की की राजधानी इस्तंबोल में ईरान व हिज़्बुल्लाह को बदनाम करने की सऊदी अरब की कोशिशों पर प्रतिक्रिया जताते हुए विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सऊदी अधिकारियों को इराक़ की बास सरकार के विदेश मंत्री के अंजाम की याद दिलाई और कहा कि इस तरह की कार्यवाहियां तेल अवीव को ख़ुश करेंगी।


विलायत पोर्टलः तुर्की की राजधानी इस्तंबोल में ईरान और हिज़्बुल्लाह को बदनाम करने की सऊदी अरब की कोशिशों पर प्रतिक्रिया जताते हुए विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सऊदी अधिकारियों को इराक़ की बास सरकार के विदेश मंत्री के अंजाम की याद दिलाई और कहा कि इस तरह की कार्यवाहियां तेल अवीव को ख़ुश करेंगी। इस्तंबोल में इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक के घोषणापत्र के मसौदे में सऊदी अरब और उसके कुछ घटकों की तरफ़ से ईरान के ख़िलाफ़ चार और लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के ख़िलाफ़ एक बिंदु शामिल करने की कोशिश के जवाब में ईरान के विदेश मंत्री ने इसे इस्लामी एकजुटता के ख़िलाफ़ और ज़ायोनी शासन के हित में बताते हुए इसके कुपरिणामों की तरफ़ से होशियार किया। उन्होंने इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम द्वारा ईरान पर थोपे गई जंग के दौरान ओआईसी को हथकंडे के रूप में इस्तेमाल किए जाने के बुरे तजुर्बे की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि उस समय इराक़ के तत्कालीन विदेश मंत्री तारिक़ अज़ीज़ ने कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन से ईरान के ख़िलाफ़ कई सूत्रीय घोषणा पत्र पारित कराया था लेकिन हमने उसे कोई महत्व नहीं दिया, सभी को अतीत से पाठ सीखना चाहिए और देखना चाहिए कि अब तारिक अज़ीज़ कहां है? इराक़ के पूर्व विदेश मंत्री ने ओआईसी सम्मेलन में ईरान के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित कराने की कोशिश की थी। ईरान के विदेश मंत्री ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कि ओआईसी के कुछ सदस्य देश, उन्हीं नाकाम नीतियों को पुनः आज़मा रहे हैं, हिज़्बुल्लाह कि निंदा किए जाने के बारे में कहा कि इससे इस्राईल ख़ुश और प्रोत्साहित होगा। मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपनी स्पीच में कहा कि देशों की आपसी समस्याओं को द्विपक्षीय बातचीत के ज़रिए से हल करना चाहिए और आपसी समस्याओं को इस तरह के सम्मेलनों में नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने ईरान में सऊदी अरब के एंबेसी और कानसुलेट एंबेसी पर हमले के विषय से ग़लत फ़ायदा उठाए जाने की तरफ़ इशारा किया और कहा कि ईरान की सरकार ने इस घटना की निंदा की है और इसके दोषियों पर मुक़द्दमा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने पड़ोसी व मुस्लिम देशों के साथ संबंधों को मज़बूत बनाए जाने को हमेशा प्राथमिकता दी है जबकि इनमें से कुछ देशों ने सद्दाम द्वारा ईरान पर थोपे गई जंग में सद्दाम की मदद की थी और ईरानी जनता के ख़िलाफ़ सद्दाम के अपराधों में वे भी भागीदार हैं।
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तेहरान रेडियो


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