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Code : 95857
Date of publication : 29/2/2016 17:22
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सऊदी अरब के हथियार ख़रीदने में तेज़ी से वृद्धि।

अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय राजनैतिक केन्द्र सीआईपी के विशेषज्ञ विलियम हर्टंग ने इन्टरनेट पर अपने वेबलाग में लिखा कि साल 2011 और 2015 में सऊदी अरब को बेचे जाने वाले हथियारों में लगभग 279 प्रतिशत वृद्धि हुई है।


विलायत पोर्टलः इलाक़े में जंग को भड़काने की नीति के अन्तर्गत सऊदी अधिकारियों ने हथियारों की ख़रीदारी में 279 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय राजनैतिक केन्द्र सीआईपी के विशेषज्ञ विलियम हर्टंग ने इन्टरनेट पर अपने वेबलाग में लिखा कि साल 2011 और 2015 में सऊदी अरब को बेचे जाने वाले हथियारों में लगभग 279 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इनमे से से तीन चौथाई हथियार, अमरीका और ब्रिटेन से ख़रीदे गए हैं। सऊदी अधिकारियों ने इससे पहले अपनी सत्ता को बचाने और अमरीका का समर्थन प्राप्त करने के लिए वाशिंग्टन के साथ भारी हथियारों के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन वह यमन युद्ध में हथियारों के इल्तेमाल के लिए इस तरह के समझौते पर हस्ताक्षर कर रहा है। एसएएम संस्था की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि सऊदी अरब ने जार्ज बुश के शासन काल की तुलना में बराक ओबामा के सत्ता के दौरान अमरीका से 96 प्रतिशत ज़्यादा हथियार लिए हैं। इस दौरान दो लाख पांच सौ से ज़्यादा सऊदी सैनिकों ने अमरीका में फ़ौजी प्रशिक्षण हासिल किया है। ज्ञात रहे कि यह ऐसी स्थिति में है कि यूरोपीय संसद ने यूरोपीय संघ से मांग की है कि वह यमन युद्ध में हथियारों के इस्तेमाल करने की वजह से सऊदी अरब को हथियार बेचने पर रोक लगा दे।
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तेहरान रेडियो


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