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Date of publication : 13/2/2016 17:25
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तुर्की सीरिया में ज़मीनी फ़ौज उतारना चाहता है।

तुर्की के प्रधानमंत्री ने सीरिया में ज़मीनी सेना उतारने के बारे में कहा है कि अगर सीरियाई सेना ने दोनों देशों की संयुक्त सीमा के पास स्थित आज़ाज़ शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया, जिस पर इस समय आईएसआईएल का कंट्रोल है, तो तुर्क सेना उसी वक़्त हरकत में आ जाएगी।


विलायत पोर्टलः तुर्की के प्रधानमंत्री ने सीरिया में ज़मीनी सेना उतारने के बारे में कहा है कि अगर सीरियाई सेना ने दोनों देशों की संयुक्त सीमा के पास स्थित आज़ाज़ शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया, जिस पर इस समय आईएसआईएल का कंट्रोल है, तो तुर्क सेना उसी वक़्त हरकत में आ जाएगी। तुर्क प्रधानमंत्री अहमद दाऊद ओग़लू ने हालैंड की यात्रा से लौटते समय कहा कि उन्होंने जर्मन चांसलर अंगेला मर्केल से कह दिया है कि सीरिया में रूस का सैनिक आप्रेशन फौरन बंद होना चाहिए ताकि सीरियाई शरणार्थियों की लहर को रोका जा सके। उन्होंने इसी तरह अमरीका की इस बात पर आलोचना की कि उसने सीरिया की कुर्द पार्टी डेमोक्रेटिक यूनियन को आतंकी संगठनों की सूचि में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह संगठन तुर्की के अंदर जंग कर रहे कुर्द संगठन पीकेके को हथियार सप्लाई करता है। दाऊद ओग़लू ने कहा कि अन्कारा सरकार इस बात को सहन नहीं कर सकती कि आईएसआईएल से लड़ाई की वजह डेमोक्रेटिक यूनियन संगठन को मान्यता दे दी जाए। इस बीच तुर्की के पूर्व विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर तुर्की ने सीरिया में अपनी सेना उतारी तो मुमकिन है कि रूस की सेना से इस लड़ाई में तुर्की अपने कुछ इलाक़ों से हाथ धो बैठे। याशार याकीश ने कहा कि तुर्क सेना संभावित रूप से आज़ाज़ और जराबलस के बीच के इलाक़े को अपने क़ब्ज़े में लेने की कोशिश करेगी लेकिन यह भी मुमकिन है कि तुर्की का हाताय प्रांत उसके हाथ से निकल जाए। उन्होंने कहा कि अगर तुर्क सेना की हार हुई तो इस प्रांत के बारे में सीरिया अपना दावा निश्चित रूप से पेश करेगा। इस प्रांत को वर्ष 1939 में तुर्की में शामिल किया गया था लेकिन सीरिया ने आज तक इस विलय को मान्यता नहीं दी है।
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तेहरान रेडियो


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