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Code : 94657
Date of publication : 8/2/2016 19:7
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अमरीका और आले सऊद अपनी पालीसियों पर दोबारा विचार करें।

ईरान के सशस्त्र बल के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल हसन फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि अमरीका और आले सऊद शासन को क्षेत्रीय राष्ट्रों के ख़िलाफ़ अपनी युद्धोन्मादी नीतियों पर फिर से विचार करना चाहिए।


विलायत पोर्टलः ईरान के सशस्त्र बल के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल हसन फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि अमरीका और आले सऊद शासन को क्षेत्रीय राष्ट्रों के ख़िलाफ़ अपनी युद्धोन्मादी नीतियों पर फिर से विचार करना चाहिए। इर्ना के अनुसार, जनरल फ़ीरोज़ाबादी ने सोमवार को इलाक़े के ताज़ा हालात और सीरिया पर चढ़ाई करने पर आधारित सऊदी अरब की हालिया धमकी का उल्लेख करते हुए कहा कि आले सऊद शासन, अलग-अलग इलाकों में अपनी नाकामयाबी की वजह से ग़ुस्से में इधर-उधर हाथ-पांव मार रहा है। उन्होंने कहा कि अमरीका, ज़ायोनी शासन और आले सऊद के त्रिकोण की साज़िश से पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ़्रीक़ा में कोई भी मुसलमान देश सुरक्षित नहीं बचा है। जनरल हसन फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि अब वह वक़्त आ गया है जब मुसलमान देश होश में आएं और अपनी जनता की सुरक्षा, आज़ादी, आर्थिक स्थिति और संस्कृति के बारे में सोचें। ईरान के सशस्त्र बल के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि सऊदी अरब की सीरिया में अपने थल सैनिक भेजने की धमकी यह दर्शाती है कि आले सऊद शासन सीरिया के ख़िलाफ़ लड़ाई के मैदान में पूरी तरह हार गया है। उन्होंने कहा कि कई साल की जंग और थोपे गए आतंकवाद के बाद, सीरियाई जनता एकजुट हो गई है और हालिया कामयाबियों के साथ अब वह शांति हासिल करने के क़रीब पहुंच गई है। जनरल फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि आले सऊद और अमरीका के पास सिर्फ़ एक रास्ता है वह यह कि क्षेत्रीय देशों पर अत्याचार, रक्तपात और खोखली धमकी से हाथ उठाते हुए, अपनी नाकाम नीति के बारे में पुनर्विचार करें ताकि इलाक़े में फिर से शांति लौट आए और देश अपने मामले ख़ुद हल करें।
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तेहरान रेडियो


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