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Date of publication : 4/2/2016 16:52
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परमाणु समझौते से पीछे नही हट सकते।

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने कहा है कि जेसीपीओ की कार्यवाही का फ़ैसला, पूरी तरह रूप से सरकार और सुप्रीम लीडर की पुष्टि से हुआ था इसीलिए इससे पलटा नहीं जा सकता।


विलायत पोर्टलः ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने कहा है कि जेसीपीओ की कार्यवाही का फ़ैसला, पूरी तरह रूप से सरकार और सुप्रीम लीडर की पुष्टि से हुआ था इसीलिए इससे पलटा नहीं जा सकता। अली अकबर सालेही ने आरमान समाचारपत्र से बात करते हुए कहा कि जेसीपीओए की बुनियाद पर ईरान और विश्व शक्तियां एक समझौते पर पहुंचे हैं जिससे ईरान के सामने परमाणु तकनीक के नये द्वार खुलेंगे। श्री सालेही ने कहा कि वर्तमान समय में ईरान के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ, निदेशक मंडल, अमरीका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों की समाप्ति ईरानी सरकार और जनता के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है। अली अकबर सालेही ने कहा कि जेसीपीओए में ईरान की सभी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह से ख़त्म किया जाएगा और ईरान को भी उम्मीद है कि सामने वाला पक्ष भी स्वयं को इसके क्रियान्वयन के लिए तैय्यार करेगा और इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही नही करेगा। अली अकबर सालेही ने कहा कि सामने वाले पक्षों की तरफ़ से अगर जेसपीओए का उल्लंघन किया गया तो ईरान ने भी ऐसी स्थिति में कार्यवाही के लिए सोच रखा है। उन्होंने ईरान और अमरीका के भविष्य के संबंधों के बारे में कहा कि अमरीका और ईरान के बीच संबंधों में सबसे बड़ी समस्या, अविश्वास है। अली अकबर सालेही ने कहा कि ईरानी जनता इस नतीजे पर पहुंच गई है कि अमरीका कभी भी ईरानी राष्ट्र का भला नहीं सोच सकता और भरोसे की इस कमी की भरपाई अमरीका की तरफ़ से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा किया कि अगर परमाणु समझौते के क्रियान्यन के दौरान अमरीका ने सद्भावना का प्रदर्शन नहीं किया तो इसका मतलब उसे उसके क्रियाकलाप स्वीकार नहीं थे। सालेही ने कहा कि भविष्य में अमरीका की तरफ़ से विश्वास बहाली के लिए और ज़्यादा कोशिश की जानी चाहिए।
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तेहरान रेडियो


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