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کد خبر : 81812
تاریخ انتشار : 31/8/2015 18:30
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अमेरिका पवित्र इस्लामी स्थलों पर हमला करे

अमरीका की सैन्य विज्ञान अकादमी के एक कथित शिक्षक ने कहा है कि वॉशिंग्टन को पवित्र इस्लामी स्थलों और आतंकवाद विरोधी तथाकथित युद्ध में अमरीका के आलोचकों पर हमला कर देना चाहिए।


विलायत पोर्टलः अमरीका की सैन्य विज्ञान अकादमी के एक कथित शिक्षक ने कहा है कि वॉशिंग्टन को पवित्र इस्लामी स्थलों और आतंकवाद विरोधी तथाकथित युद्ध में अमरीका के आलोचकों पर हमला कर देना चाहिए। वेस्ट प्वाइंट में मिलिट्री एकेडमी में स्वयं को असिस्टेंट प्रोफ़ेसर बताने वाले विलियम ब्रेडफ़ोर्ड ने नेश्नल सिक्यूरिटी लॉ जरनल में प्रकाशित होने वाले अपने एक लेख में दावा किया है कि इस्लाम के पवित्र स्थलों पर हमला, हर तरह के इस्लामी चरमपंथ के विरुद्ध युद्ध का एक भाग है। उन्होंने लिखा है कि यह लड़ाई आख़िर तक जारी रहनी चाहिए चाहे इसमें व्यापक रूप से तबाही हो, असंख्य शत्रु मारे जाएं और अनचाही सैन्य क्षति उठानी पड़े। ब्रेडफ़ोर्ड ने इसी प्रकार आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध के आलोचकों को विश्वासघाती बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है और उन पर अमरीकी सेना के हमले को वैध बताया है। उन्होंने अमरीका की सशस्त्र सेना से मांग की है कि वह इन आलोचकों और जिन संचार माध्यमों से वे बात करते हैं उनसे कड़ाई से निपटे। अमरीका के नेश्नल सिक्यूरिटी लॉ जरनल ने इस लेख के प्रकाशन पर खेद जताते हुए क्षमा मांगी है। पत्रिका ने इस लेख के प्रकाशन को पेशेवाराना शिष्टाचार का खुला उल्लंघन और ऐसी ग़लती बताया है जिसकी क्षतिपूर्ति नहीं हो सकती। इसी तरह अपनी शैक्षिक योग्यता के बारे में झूठ कहने पर ब्रेडफ़ोर्ड की भी कड़ी आलोचना की गई है। अमरीका के राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विश्व विद्यालय के प्रतिनिधि ने ब्रेडफ़ोर्ड द्वारा ख़ुद को असिस्टेंट प्रोफ़ेसर घोषित किए जाने का खंडन करते हुए कहा कि वे इस विश्व विद्यालय में केवल कंट्रेक्टर थे और कभी भी इस विश्व विद्यालय के शिक्षक नहीं रहे हैं।
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तेहरान रेडियो


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