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Code : 81377
Date of publication : 24/8/2015 18:12
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नेतनयाहू की गिरफ़्तारी का अभियान तेज़ी पकड़ता जा रहा है

फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ युद्ध अपराध के दोषी ज़ायोनी प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू की गिरफ़्तारी की मांग के लिए तय्यार की जा रही अर्ज़ी पर अब तक 76000 से ज़्यादा लोगों ने दस्तख़त किए हैं।

विलायत पोर्टलः फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ युद्ध अपराध के दोषी ज़ायोनी प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू की गिरफ़्तारी की मांग के लिए तय्यार की जा रही अर्ज़ी पर अब तक 76000 से ज़्यादा लोगों ने दस्तख़त किए हैं। यह ऑनलाइन दस्तख़त अभियान अगले महीने नेतनयाहू के लंदन दौरे पर उनकी गिरफ़्तारी के लिए चलाया जा रहा है। 7 अगस्त को इस अभियान की ख़बरे वायरल हुईं। नेतनयाहू के ख़िलाफ़ यह अभियान, परिवेष्टन से घिरे ग़ज़्ज़ा पर 2014 में इस्राईल द्वारा थोपे गए युद्ध में हज़ारों बेगुनाह फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार में उनके लिप्त होने पर चलाया जा रहा है। रविवार की सुबह तक इस अभियान पर दस्तख़त करने वालों की संख्या 76062 तक पहुंच चुकी थी। इस अर्ज़ी में ज़ायोनी प्रधान मंत्री के सितंबर में प्रस्तावित लंदन दौरे के उल्लेख के साथ आया है, “अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के तहत उन्हें 2014 में 2000 से ज़्यादा नागरिकों का जनसंहार कराने के कारण ब्रिटेन पहुंचने पर युद्ध अपराध के लिए गिरफ़्तार कर लिया जाए।” ज्ञात रहे जिस अर्ज़ी पर 10000 दस्तख़त होते हैं उस पर ब्रितानी सरकार को जवाब देना होता है और जब किसी अर्ज़ी पर 1 लाख दस्तख़त हो जाते हैं तो उस पर ब्रितानी संसद में बहस कराई जाती है। इस अर्ज़ी पर दस्तख़त अभियान की आख़री तारीख़ 7 फ़रवरी 2016 है। दूसरी तरफ़ ब्रितानी सरकार ने कहा है कि ब्रिटेन और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के तहत, दौरा करने वाले विदेशी सरकारों के प्रमुखों जैसे प्रधान मंत्री नेतनयाहू जैसे लोगों को क़ानूनी प्रक्रिया से छूट हासिल होती है और उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता। ज्ञात रहे इस्राईल ने जुलाई 2014 के शुरु में ग़ज़्ज़ा पर पचास दिवसीय युद्ध थोपा था जो 26 अगस्त 2014 को संघर्ष विराम के नतीजे में रुका था। इसे रोकने में मिस्र ने हमास और इस्राइली प्रतिनिधिमंडलों के बीच गुप्त बातचीत में अहम रोल निभाया था। इस्राईल द्वारा थोपे गए युद्ध में लगभग 2200 फ़िलिस्तीनी शहीद हुए थे। शहीद होने वालों में 577 फ़िलिस्तीनी बच्चे भी थे। इसी तरह इस युद्ध में 11000 फ़िलिस्तीनी घायल हुए थे।
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तेहरान रेडियो


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