हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 81207
تاریخ انتشار : 22/8/2015 18:53
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अमरीका-इस्राईल इस्लामी दुनिया के असली दुश्मन हैः सुप्रीम लीडर

इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर ने विश्व वर्चस्ववाद और ज़ायोनी शासन को ईरान तथा इस्लामी जगत का वास्तविक शत्रु बताया है।


विलायत पोर्टलः इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर ने विश्व वर्चस्ववाद और ज़ायोनी शासन को ईरान तथा इस्लामी जगत का वास्तविक शत्रु बताया है। शनिवार को हज और ज़ियारत विभाग के अधिकारियों के साथ मुलाक़ात में आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने कहा कि हमारी जनता ने अपनी दूरदर्शिता से यह पहचान लिया है कि विश्व वर्चस्ववाद हमारे और इस्लामी जगत के वास्तविक शत्रु हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि वे समस्त राष्ट्रीय पर्वों और आयोजनों में अमरीका मुर्दाबाद तथा इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगाते हैं। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने कहा कि पिछले 36 वर्षों के दौरान वर्चस्ववाद ने अन्य देशों के माध्यम से ईरान से अपनी शत्रुता का बदला लिया है, लेकिन ईरानी राष्ट्र का मानना है कि इन देशों ने धोखा खाया है और वे वर्चस्ववाद का हथकण्डा बने हैं जबकि वास्तविक शत्रु, अमरीका तथा इस्राईल हैं। उन्होंने कुछ देशों में इस्लामी गुटों के विफल अनुभव की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने ईरानी राष्ट्र के विपरीत मित्र और शत्रु को समझने में ग़लती की है जिसकी उन्हें भरपाई भी करनी पड़ी है। इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामेनेई ने, मुसलमानों को नुक़सान पहुंचाने के उद्देश्य से वर्चस्ववादियों के लगातार कोशिशों की तरफ़ संकेत करते हुए कहा कि वर्चस्ववाद की आर्थिक सहायता के आधार पर अमरीका, यूरोप, इस्राईल और उनके घटक देशों में इस्लाम तथा शिया मत को समझने के लिए दसियों केन्द्र खोले गए हैं। इन केन्द्रों का उद्देश्य, इस्लामी जगत के जागरूक और होनहार लोगों की पहचान करके उनके विरुद्ध कार्यवाही करना है। वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि वर्चस्ववाद पूरी गंभीरता से इस्लाम के नाम पर मतभेद फैलाने में व्यस्त है। इस तरह वह मुसलमानों के बीच मतभेद फैलाकर उन्हें कमज़ोर करना चाहता है। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने कहा कि हज के मौक़े पर एकता और शत्रु की पहचान के बारे में ईरानी राष्ट्र के अनुभव को अन्य राष्ट्रों तक पहुंचाकर वर्चस्ववादियों की साज़िशों को विफल बनाया जा सकता है।
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तेहरान रेडियो


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