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Code : 81065
Date of publication : 19/8/2015 19:54
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18 अगस्त अमेरिका और ब्रिटेन की करतूतों को याद करने का दिन है

ईरान के संसद सभापति ने अमेरिकी पैठ के बारे में सुप्रीम लीडर की चेतावनी को सूक्ष्म और वास्तविकता पर आधारित चेतावनी बताया है।

विलायत पोर्टलः ईरान के संसद सभापति ने अमेरिकी पैठ के बारे में सुप्रीम लीडर की चेतावनी को सूक्ष्म और वास्तविकता पर आधारित चेतावनी बताया है। डाक्टर अली लारीजानी ने २८ मुर्दाद १३३२ हिजरी शम्सी अर्थात 18 अगस्त वर्ष १९५३ को ईरान में अमेरिका और ब्रिटेन के विद्रोह की वर्षगांठ की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन के साथ संबंधों में ईरान के इतिहास में एक बहुत काला बिन्दु है और ईरानी राष्ट्र कभी भी इसे नहीं भूलेगा। ईरान के संसद सभापित ने कहा कि अगर ईरान के इस्लामी रिवाल्यूशन के सुप्रीम लीडर सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में अमेरिकी पैठ के बारे में चेतावनी दे रहे हैं तो इसका कारण ईरान का इतिहास है इस आधार पर हर स्थिति में समाज के हर व्यक्ति को इस चेतावनी के प्रति संवेदनशील होना चाहिये। डाक्टर लारीजानी ने कहा कि २८ मुर्दाद के बारे में किताबों, लेखों और राजनीतिक भाषणों में बहुत कुछ कहा गया है और कुछ देश इसके संबंध में समय बीतने के साथ- साथ कुछ चीज़ें प्रकाशित कर रहे हैं ताकि इस खेदजनक घटना के पहलुओं को बेहतर ढंग से पहचान सकें। ज्ञात रहे कि २८ मुर्दाद १३३२ हिजरी शमसी अर्थात वर्ष १९५३ को ईरान की तत्कालीन क़ानूनी सरकार के विरुद्ध अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर विद्रोह करवाया था और यह वह समय था जब ईरानी तेल का राष्ट्रीय करण आंदोलन सफल हो गया था और हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने भी ईरान के पक्ष में निर्णय सुनाया था।
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तेहरान रेडियो


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