Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 78950
Date of publication : 18/7/2015 14:51
Hit : 307

फ़ल्लूजा और रेमादी शहरों से बहुत शीघ्र आतंकियों का सफाया हो जाएगा

इराक़ के प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि सरकार और सेना, तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल के संपूर्ण सफ़ाये के लिए दृढ़ संकल्पित है।


विलायत पोर्टलः इराक़ के प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि सरकार और सेना, तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल के संपूर्ण सफ़ाये के लिए दृढ़ संकल्पित है। हैदर अलएबादी ने कहा कि इराक़ी जनता, अंबार प्रांत और नैनवा में आईएसआईएल के आतंकी गुटों को पराजित करने पर दृढ़ संकल्पित है और वह बहुत शीघ्र अपने घरों को वापस जाएंगे। हैदर एबादी ने जो ईदे फ़ित्र के अवसर पर भाषण दे रहे थे, इराक़ी सेना की तरफ़ से आतंकियों की हर पराजय को जनता की ईद बताया। उन्होंने कहा कि सेना ने स्वयंसेवी बलों के सहयोग से चरमपंथ के विरुद्ध महा सफलताएं प्राप्त की हैं और उनके प्रयासों के कारण ही तिकरीत और बीजी शहर से आतंकियों का सफाया संभव हो सकता है। हैदर अलएबादी ने अंबार प्रांत में सशस्त्र सेना की व्यापक कार्यवाहियों को सफल बताया। उन्होंने कहा कि फ़ल्लूजा और रोमादी शहरों से बहुत शीघ्र आतंकियों का सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आईएसआईएल के आतंकियों का समापन, इराक़ी जनता की सबसे बड़ी ईद होगी।
................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से