Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 78934
Date of publication : 18/7/2015 10:6
Hit : 413

परमाणु वार्ता की सफलता से नाराज़ सऊदी अरब की ईरान को धमकी

ईरान और गुट पांच धन एक के बीच सफल परमाणु सहमति से नाराज़ सऊदी अरब ने ईरान को धमकी दी है कि वह इलाक़े में तथाकथित किसी भी शरारत से सख़्ती से निपटेगा।


विलायत पोर्टलः ईरान और गुट पांच धन एक के बीच सफल परमाणु सहमति से नाराज़ सऊदी अरब ने ईरान को धमकी दी है कि वह इलाक़े में तथाकथित किसी भी शरारत से सख़्ती से निपटेगा। वाशिंगटन में गुरुवार को अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी के साथ मुलाक़ात के बाद, सऊदी विदेश मंत्री आदिल अल-जुबैर ने कहा, रियाज़ ईरान से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है, जो इलाक़े में शरारत की कोशिश कर सकता है। उल्लेखनीय है कि राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और गुट पांच धन के बीच परमाणु वार्ता की सफ़लता इस्राईल और सऊदी अरब के लिए एक बड़ा झटका है, जिन्होंने इस वार्ता को नाकाम बनाने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया। यह ऐसी स्थिति में है कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस सहमति का ख़ूब स्वागत किया गया है और विश्व के कई नेताओं ने इसे ऐतिहासिक समझौता क़रार दिया है। सऊदी विदेश मंत्री का यह भी कहना था कि प्रतिबंधों के हटने के बाद होने वाले आर्थिक लाभ से ईरान इलाक़े में कोई जोखिम उठाने का प्रयास न करे। जुबैर ने यह बयान ऐसी स्थिति में दिया है कि जब सऊदी अरब ख़ुद यमन जैसे घातक युद्ध में फंसा हुआ है।
................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी....