Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 78844
Date of publication : 16/7/2015 4:32
Hit : 388

सऊदी नरेश को ओबामा का फ़ोन, परमाणु मामले और यमन संकट की समीक्षा

अमरीका के राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने सऊदी नरेश शाह सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ को फ़ोन करके ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच बनने वाली सहमति और यमन की स्थिति पर बातचीत की।


विलायत पोर्टलः अमरीका के राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने सऊदी नरेश शाह सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ को फ़ोन करके ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच बनने वाली सहमति और यमन की स्थिति पर बातचीत की। वाइट हाउस के अनुसार इस टेलीफ़ोनी बातचीत में दोनों पक्षों ने यमन में जारी लड़ाई तत्काल बंद किए जाने के विषय की समीक्षा की और यमन के सभी क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाए जाने के तरीक़ों का जायज़ा लिया। ओबामा ने परमाणु वार्ता में बनने वाली सहमति का हवाला दिया और कहा कि हम क्षेत्र में अपने घटकों की क्षमता के निर्माण का प्रयास जारी रखेंगे। वाइट हाउस के अनुसार बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे बाराक ओबामा एक प्रेस कान्फ़्रेन्स करेंगे जिसमें पत्रकारों के सवालों का जवाब देंगे।
................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से