Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 78841
Date of publication : 16/7/2015 4:13
Hit : 376

अफ़ग़ानिस्तान युद्ध पर हर दिन ख़र्च हो रहे हैं 40 लाख डालर

एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की लड़ाई पर हर दिन 40 लाख डालर का ख़र्च आ रहा है।


विलायत पोर्टलः एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की लड़ाई पर हर दिन 40 लाख डालर का ख़र्च आ रहा है। वर्ष 2001 में अफ़ग़ानिस्तान पर हमला शुरू होने के बाद अमरीका ने लगभग 715 अरब डालर ख़र्च किए। वर्ष 2015 के दौरान 35 अरब डालर ख़र्च हो चुके हैं। यह रिपोर्ट नेशनल प्रियार्टीज़ प्रोजेक्ट नामक एनजीओ ने दी है जो अमरीका के फ़ेडरल बजट और सैनिक ख़र्चों का अध्ययन करती है। संस्था का कहना है कि 715 अरीब डालर में वह युद्ध के सारे ख़र्चे शामिल नहीं हैं और घायल सैनिकों पर भविष्य में होने वाले ख़र्चे इस रक़म में शामिल नहीं किए गए हैं। इसी प्रकार सैनिक ख़र्च हेतु लिए गए क़र्ज़ का ब्याज भी इसमें नहीं जोड़ा गया है। एक सैनिक की तैनाती पर सालाना 10 लाख डालर का ख़र्च आता है जो वर्ष 2006 में कांग्रेस के अध्ययनकर्ताओं के अनुमान से बहुत अधिक है क्योंकि इस अनुमान के अनुसार एक सैनिक की तैनाती का सालाना ख़र्च 3 लाख 90 हज़ार डालर था। वर्ष 2013 में हार्वर्ड विश्कीवविध्याल अर्थशास्त्री लिंडा बिल्म्ज़ ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ की लड़ाई अमरीका की सबसे ख़र्चीली लड़ाई बन चुकी है।
 ................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से