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Code : 78801
Date of publication : 15/7/2015 16:4
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ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध कभी भी सफल नहीं रहे

राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध कभी भी सफल नहीं रहे।



विलायत पोर्टलः राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध कभी भी सफल नहीं रहे। उन्होंने परमाणु सहमति के बाद टीवी से प्रसारित होने वाले अपने संबंधोन में कहा कि आज हम देश और क्रांति के इतिहास के नए चरण तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण स्थिति में हैं। यह ऐसा चरण है जिसके बारे में हम कह सकते हैं कि पिछले 12 वर्षों के दौरान पश्चिम की ओर से ईरान के संबंध में बड़ी-बड़ी भ्रांतियां विश्व समुदाय के बीच फैलाई गईं। अब यह चरण समाप्त हो गया और नया अध्याय आरंभ हो गया है। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि यह नया अध्याय, इस आधार पर आरंभ हुआ है कि विश्व के सामने मौजूद समस्याओं के समाधान का रास्ता छोटा हो जाएगा और ख़र्च भी कम हो जाएगा। ईरान का परमाणु मुद्दा, एक ओर राजनैतिक व अंतर्राष्ट्रीय विषय में परिवर्तित होकर संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के सातवें अनुच्छेद में शामिल हो गया था जिसके कारण वह विभन्न प्रतिबंधों का कारण बना। दूसरी ओर यह विषय विश्व में इरानोफ़ोबिया का कारण बन रहा था कि ईरान सामूहिक विनाश के शस्त्र और परमाणु बम बनाने के प्रयास में है। राष्ट्रपति ने कहा कि परमाणु विषय, विज्ञान और तकनीक की दृष्टि से हमारे देश के विकास और प्रगति के लिए बहुत महत्वपूर्ण था और सामजिक दृष्टि से यह राष्ट्रीय गौरव और प्रतिष्ठा का विषय बन गया था। डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से, प्रतिबंध लगाने वालों की ओर से पड़ने वाले दबाव से समाज को कठिन परिस्थितियों का सामना हुआ, यद्यपि जैसा कि हमने पहले ही यह घोषणा की थी कि प्रतिबंध कभी भी सफल नहीं रहे किन्तु इससे लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि हमें परमाणु समस्या के समाधान के लिए विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक क़दम उठाने होंगे और इस संबन्ध में राजनैतिक दृष्टि से आवश्यक राजनैतिक भूमिका तैयार करनी चाहिए। उनका कहना था कि हमको यह जान लेना चाहिए कि वार्ता का अर्थ केवल घोषणापत्र पढ़ना नहीं है बल्कि वार्ता का अर्थ कुछ देना और कुछ लेना है। वार्ता का अर्थ यह है कि पैसा दे और अपने दृष्टिगत घर की ख़रीदारी करे। हम वार्ता का प्रयास कर रहे थे और चाह रहे थे कि राष्ट्रीय हितों के आधार पर न्यायपूर्ण परिणाम तक पहुंचा जाए। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि मैंने सदैव इस बात पर बल दिया है कि वार्ता, केवल जीत-हार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जो भी वार्ता जीत-हार पर आधारित होगी वह कभी भी स्थाई नहीं हो सकती। उनका कहना था कि वार्ता तभी सफल हो सकती है जब दोनों पक्ष जीत का आभास करें। राष्ट्रपति ने कहा कि इस विषय को हमने समाज के सामने रखा और हमारी वार्ताकार टीम ने भी पिछले 23 महीने के दौरान इसी आधार पर वार्ताएं कीं।
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तेहरान रेडियो


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