Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 78390
Date of publication : 11/7/2015 2:36
Hit : 441

सऊदी हमले जारी, कई यमनवासी हताहत व घायल

यमन पर सऊदी अरब के हवाई हमलों में कई अन्य यमनवासी मारे गए हैं।


विलायत पोर्टलः यमन पर सऊदी अरब के हवाई हमलों में कई अन्य यमनवासी मारे गए हैं। यमन के सअदा प्रांत पर सऊदी युद्धक विमानों के ताज़ा हमले में दसियों लोग हताहत और घायल हुए हैं। इन युद्धक विमानों ने यमन के कई आवासीय क्षेत्रों को लक्ष्य बनाया जिसमें कम से कम 10 लोग मारे गए। सऊदी अरब के युद्धक विमानों ने इसी प्रकार अलबैज़ा प्रांत पर भी गुरूवार को कम से कम छह बार बमबारी की। ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की अनुमति के बिना 26 मार्च से यमन के विरुद्ध आक्रमण आरंभ कर रखा है। इस युद्ध में अब तक कम से कम 3000 लोग मारे जा चुके हैं और 4500 से ज़्यादा घायल हुए हैं। पिछले तीन महीनों से ज़्यादा समय से जारी इस आक्रमण में यमन में व्यापक स्तर पर विनाश हुआ है। इसी बीच यमन के अंसारुल्लाह आन्दोलन ने इस देश में किये जाने वाले आक्रमण पर विश्व समुदाय की चुप्पी की आलोचना की है। अंसारुल्लाह आन्दोलन ने एक बयान जारी करके कहा है कि सऊदी अरब ने हमले के दौरान हर तरह के अन्तर्राष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन किया है लेकिन विश्व समुदाय इस पर चुप्पी साधे बैठा है।
................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से