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Date of publication : 4/6/2015 13:59
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हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनईः

इमाम ख़ुमैनी केवल अल्लाह पर भरोसा करते थे।

ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि सभी इब्राहीमी धर्म स्वीकार करते हैं कि एक हस्ती आएगी जो दुनिया को जुल्म व अत्याचार से नजात दिलाएगी।


विलायत पोर्टलः ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि सभी इब्राहीमी धर्म स्वीकार करते हैं कि एक हस्ती आएगी जो दुनिया को जुल्म व अत्याचार से नजात दिलाएगी।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने इस्लामी इंक़ेलाब के संस्थापक हज़रत इमाम खुमैनी (र.ह) की छब्बीसवीं बरसी के अवसर पर एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा है कि इस्लाम ने उस नजात देने वाले का नाम भी बता दिया है, उस इलाही हस्ती और महानतम इंसान को सभी इस्लामी समुदायों के यहां महदी (अ.ज) के नाम से जाना जाता है।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि शायद सभी इस्लामी विचारधाराओं में कोई एक विचारधारा भी नहीं पाई जाती है जो यह विश्वास न रखती हो कि हज़रत इमाम महदी (अ.ज) ज़ुहूर नहीं करेंगे, आप पैगम्बर (स.अ) के वंश से हैं यहां तक हर इस्लामी विचारधारा में आपके नाम और कुन्नियत का भी उल्लेख किया गया है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने अपने भाषण में इस्लामी इंक़ेलाब के संस्थापक का जिक्र करते हुए कहा कि हमें इमाम खुमैनी (रह) के केवल सम्मानित ऐतिहासिक व्यक्तित्व के आधार पर ही उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि आपके व्यक्तित्व और सिद्धांतों को पहचानना भी आवश्यक है।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा कि इमाम खुमैनी (रह) उस महान आंदोलन के संस्थापक थे जिसको ईरानी जनता ने शुरू किया और अपना इतिहास बदल कर रख दिया। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि इमाम खुमैनी (रह) एक मजबूत सैद्धांतिक, राजनीतिक और सामाजिक विचारधारा का नाम है और ईरानी राष्ट्र ने उस विचारधारा को स्वीकार कर लिया और उसी राह पर अग्रसर है। आपने कहा कि इस रास्ते पर कदम आगे बढ़ाने के लिए सही पहचान का होना ज़रूरी है क्योंकि इमाम खुमैनी (रह) के व्यक्तित्व और उनके बताए हुए सिद्धांतों के सही पहचान के बिना इस रास्ते को समझना मुश्किल है।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा कि इमाम खुमैनी (रह) एक महान फ़क़ीह और दार्शनिक भी थे और इरफ़ान में भी आपको कमाल हासिल था। लेकिन आपका व्यक्तित्व इनमें से किसी भी क्षेत्र तक सीमित नहीं था।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने फ़रमाया कि इमाम खुमैनी (रह) ने अपनी क्षमताओं के साथ जिहाद फ़ी सबीलिल्लाह (अल्लाह के लिये संघर्ष) के क्षेत्र में प्रवेश किया और संघर्ष का यह सिलसिला आख़री उम्र तक जारी रखा। आपने एक ऐसे महान आंदोलन की स्थापना की कि जिसके नतीजे में आपको केवल ईरान, क्षेत्र और इस्लामी जगत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बहुत महत्व मिला।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि इमाम खुमैनी (रह) ने दो भव्य कारनामे अंजाम दिए। एक यह कि उन्होंने क्रूर वंशानुगत शाही सरकार का तख्ता उलट दिया और दूसरे यह कि इस्लामी शिक्षाओं के आधार पर एक इस्लामी सरकार की स्थापना की जो इस्लाम के आरम्भिक युग के बाद इस्लामी इतिहास में अभूतपूर्व उपलब्धि है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने इमाम खुमैनी (रह) के उसूलों और सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका एक सिद्धांत वास्तविक इस्लाम से दुनिया वालों को परिचित कराना और अमेरिकी इस्लाम को नकारना था।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि इमाम खुमैनी (रह) ने हमेशा दरबारी मुल्लाओं के इस्लाम, दाईशी इस्लाम, ज़ायोनिज़्म और अमेरिका के अत्याचारों के मुकाबले में कोई मतलब न रखने वाले इस्लाम को हमेशा खारिज किया और कहा करते थे कि इस तरह के तथाकथित इस्लाम का स्रोत एक ही है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि इमाम खुमैनी (रह) अल्लाह के वादे पर हमेशा विश्वास रखते थे, साम्राज्यवादी शक्तियों पर कभी भी विश्वास नहीं करते थे और आज हम देख रहे हैं कि साम्राज्यवादी शक्तियों की बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने मज़लूम का समर्थन और अन्याय के विरोध पर आधारित इमाम खुमैनी (रह) के एक और सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि आज इस्लामी रिपब्लिक ईरान इमाम खुमैनी (रह) के इसी सिद्धांत पर अमल कर रहा है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि हम ग़ज़्जा के ज़ालिमाना घेराबंदी, यमन के अवाम पर बमबारी, बहरैनी जनता पर हो रहे अत्याचार, अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में अमेरिका के ड्रोन हमलों के विरोधी हैं और साथ ही अमेरिका में नागरिकों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल पुलिस की क्रूर कार्यवाहियों के भी सख्त खिलाफ़ हैं।
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि दुनिया को यह जान लेना चाहिए कि फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन की नीति इस्लामी रिपब्लिक ईरान की सैद्धांतिक नीति है और इससे हाथ नहीं खींचा जा सकता। उन्होंने मौजूदा दौर में एकता के महत्व पर जोर देते हुए दुश्मन के माध्यम से इस्लामी समुदाय के बीच मतभेद डालने के प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि पूरा इस्लामी समुदाय, शिया व सुन्नी दोनों को सावधान रहने की जरूरत है कहीं ऐसा न हो वह दुश्मन के झांसे में आ जायें। आपने कहा कि जिस सुन्नी विचारधारा को अमेरिकी समर्थन हासिल है और जो शिया विचारधारा लंदन से प्रसारित होती है दोनों शैतान के भाई हैं, दुश्मन आज वास्तविक इस्लाम को निशाना बनाए हुए है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने इराक़ और सीरिया में तकफीरी आतंकवादियों की गतिविधियों की निंदा करते हुए कहा कि इन समूहों के आतंकवादी हमले, इस्लामी दुश्मनों के सहयोग से अंजाम पा रहे हैं।




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