Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 75228
Date of publication : 25/5/2015 18:47
Hit : 467

ऐतिहासिक जीत की वर्षगांठ पर हिज़्बुल्लाह को मिली बधाई

विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने वर्ष 2000 में ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में लेबनान की ऐतिहासिक जीत की वर्षगांठ पर लेबनानी राष्ट्र और हिज़्बुल्लाह के जियालों को बधाई दी।


विलायत पोर्टलः विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने वर्ष 2000 में ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में लेबनान की ऐतिहासिक जीत की वर्षगांठ पर लेबनानी राष्ट्र और हिज़्बुल्लाह के जियालों को बधाई दी।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने इस मौक़े पर हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैय्यद हसन नसरुल्लाह और लेबनान के विदेश मंत्री जिबरान बासिल को अलग अलग भेजे गए बधाई संदेश में ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में लेबनान की विजय को प्रतिरोध के जियालों और लेबनान की ख़ुददार जनता के बलिदान व प्रतिरोध का नतीजा बताया। ईरानी विदेश मंत्री ने लेबनान की इस बड़ी घटना को प्रतिरोध और राष्ट्र के बीच एकता का फल बताया। लेबनान की इस जीत को आज़ादी के पसन्द लोगों एवं मुसलमान राष्ट्रों के संघर्ष के इतिहास में निर्णायक दौर बताया और ईश्वर से महान लेबनानी राष्ट्र के सम्मान और प्रतिरोध की सफलता की कामना की।
ज्ञात रहे कि वर्ष 2000 में लेबनान के प्रतिरोध ने ज़ायोनी शासन को क्षेत्र में पहली बार एक बड़ी हार का मज़ा चखाया जिसके नतीजे में उन्हे मुंह की खानी पड़ी और वह 25 मई को दक्षिणी लेबनान से बाहर निकलने पर मजबूर हुआ।
इस्राईल ने 1982 में लेबनान पर हमला करके उसके दक्षिणी इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था। ज़ायोनियों के फ़रार होने के कारण दक्षिणी लेबनान में लोग 18 साल बाद अपने घरों को लौटे। हर साल 25 मई को लेबनानी जनता इस जीत का जश्न मनाती है।
................
तेहरान रेडियो


नवीनतम लेख

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से