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Date of publication : 22/5/2015 13:4
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बहरैन में प्रतिबंधित हथियारों के इस्तेमाल पर विरोध प्रदर्शन।

चौदह फरवरी से नामित बहरैनी जवानों के गठबंधन ने खुलासा किया है कि ऑले खलीफा सरकार के सैनिक, बहरैनी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिबंधित हथियार का उपयोग कर रहे हैं।


विलायत पोर्टलः चौदह फरवरी से नामित बहरैनी जवानों के गठबंधन ने खुलासा किया है कि ऑले खलीफा सरकार के सैनिक, बहरैनी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिबंधित हथियार का उपयोग कर रहे हैं।

सूचना के अनुसार चौदह फ़रवरी नामक गठबंधन ने एक बयान जारी करके आले खलीफा सरकार के सैनिकों के हाथों बहरैनी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिबंधित हथियारों के प्रयोग की निंदा की है। इस बयान में आया है कि ऑले खलीफा सरकार की बर्बरता, बहरैन के सार्वजनिक प्रदर्शनों को नहीं रोक सकी है और बहरैनी जनता जनमत संग्रह के आधार पर नए राजनीतिक प्रणाली की बदस्तूर मांग कर रही है।

बहरैनी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऑले खलीफा सरकार अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और जनता के खिलाफ अमेरिका और इस्राईल से मिलने वाले प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। गौरतलब है कि बहरैनी सैनिकों ने पिछले सोमवार को सित्रह में बहरैनी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया था जिससे बहुत से प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।

इससे पहले मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी बहरैनी प्रदर्शनकारियों के पतन में बहरैनी सैनिकों के हाथों प्रतिबंधित हथियारों के इस्तेमाल की खबर दी थी।

उल्लेखनीय है कि मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने बहरैनी क्रांतिकारियों के खिलाफ ऑले खलीफा के दरबार से जुड़े सैन्य अधिकारियों के हाथों जहरीली गैस और कारतूसों के उपयोग पर आधारित कई बार रिपोर्ट पेश की हैं।


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