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Date of publication : 17/5/2015 18:10
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आईएसआईएल को अमेरिका ने जन्म दिया।

सुप्रीम लीडर ने कहा कि मॉडर्न जेहालत जो इस्लाम से पहले की जेहालत से अधिक खतरनाक और हथियारों से लैस है, अमेरिका की अगुवाई वाले साम्राज्य के माध्यम से वुजूद में आई है।


विलायत पोर्टलः सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम की बेअसत के मुबारक अवसर पर शनिवार की सुबह इस्लामी इंक़ेलाब ईरान के उच्च अधिकारियों, तेहरान में इस्लामी देशों के राजदूतों और जनता के विभिन्न वर्गों से मुलाकात में मॉडर्न जेहालत का सावधानी के साथ मुक़ाबला करने के लिए रसूले इस्लाम स.अ. की बेअसत से मिलने वाले सबक पर अच्छी तरह अमल करने की ताकीद की। सुप्रीम लीडर ने कहा कि मॉडर्न जेहालत जो इस्लाम से पहले की जेहालत से अधिक खतरनाक और हथियारों से लैस है, अमेरिका की अगुवाई वाले साम्राज्य के माध्यम से वुजूद में आई है।

सुप्रीम लीडर ने कहा कि “ईरान के पिछले 35 साल के अनुभव से साबित हो चुका है कि महान इस्लामी राष्ट्र दो मुख्य कारकों, अंतर्दृष्टि और प्रतिबद्धता व हिम्मत द्वारा इस जेहालत का मुकाबला करके उसे हराने की क्षमता रखता है।“

सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने ऐतिहासिक और महान ईदे बेअसत के हिसाब से ईरानी राष्ट्र, दुनिया भर के मुसलमानों और सभी आज़ादी पसंद इंसानों को बधाई देते हुए कहा कि इंसानियत को बेअसत से मिलने वाले पाठ को बार बार पढ़ने की जरूरत है। सुप्रीम लीडर ने कहा कि “पैगम्बर सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम की बेअसत उस जेहालत का मुकाबला करने के लिए थी, जो अरब द्वीप ही नहीं बल्कि उस युग में दुनिया भर की तानाशाहों व बादशाहों की कार्यशैली थी।"

सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई के अनुसार वासना और क्रोध, जेहालत के दो बुनियादी तत्व हैं। आपने फरमाया: “इस्लाम ने उस युग में मानव जीवन में इस त्रुटि के व्यापक पहलुओं का मुकाबला किया जो एक तरफ बेकाबू यौन व काम वासना और दूसरी ओर विनाशकारी क्रोध और हृदयहीन शासन के परिणाम स्वरूप समाज पर हावी थी।

सुप्रीम लीडर ने समकालीन में भी उन्हें दो तत्वों यानी वासना व क्रोध के आधार पर इस्लाम से पहले की जेहालत के फिर से अस्तित्व में आने का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी हमें बेकाबू कामवासना, बेलगाम यौन सम्बंध, क्रूरता और व्यापक स्तर पर नरसंहार देखने को मिल रहा है, अंतर सिर्फ इतना है कि मौजूदा दौर की जेहालत ज्ञान और विज्ञान की स्ट्रॉटेजी से लैस होकर बेहद खतरनाक हो गई है।

सुप्रीम लीडर ने जोर देकर कहा: "लेकिन दूसरी ओर इस्लाम भी संसाधनों से लैस है और महान इस्लामी फ़ोर्सेज़ का प्रभाव विभिन्न संसाधनों को प्रयोग में लाते हुए दुनिया भर में फैल गया है और सफलता की उम्मीद भी बहुत अधिक है लेकिन इसके लिए अंतर्दृष्टि और प्रतिबद्धता व हिम्मत बहुत महत्वपूर्ण शर्त है।“

सुप्रीम लीडर ने जोर देकर कहा कि इस्लामी देशों की वर्तमान स्थिति, अशांति, साम्प्रदायिक दंगे, क्षेत्र के देशों में आतंकवादी समूहों के कब्जे, इस आधुनिक जेहालत के नमूने हैं जो साम्राज्यवादी शक्तियों और उनमें सबसे ऊपर अमेरिका की साजिश और योजना का परिणाम हैं। आपने कहा: “यह शक्तियां अपने गलत लक्ष्यों की पूर्ति और हितों की रक्षा के लिए असत्य व झूठ पर आधारित व्यापक प्रचार का सहारा लेती हैं जिसका एक उदाहरण आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए अमेरिका का दावा है।“

सुप्रीम लीडर ने कहा कि “अमेरिकी ऐसी स्थिति में यह दावा कर रहे हैं कि जब खुद भी आईएस जैसे ख़तरनाक आतंकवादी समूहों के गठन में अपना हाथ होने की बात स्वीकार करते हैं। अमेरिकी औपचारिक रूप से सीरिया में आतंकवादी गुटों और उनके अभिभावकों का समर्थन कर रहे हैं, अमेरिकी अधिकारी नकली यहूदी सरकार का जो ग़ज़्जा और पश्चिमी जॉर्डन में फिलिस्तीनियों पर अत्याचार ढा रही है, समर्थन कर रहे हैं और आतंकवाद से मुकाबले का झूठा दावा करते हैं और यही “आधुनिक जेहालत” है।

सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने सभी इस्लामी देशों को संबोधित करते हुये कहा: “ईरानी राष्ट्र, महान मुस्लिम उम्मत और इस्लामी देशों के लीडर यक़ीन रखें कि हम इस जेहालत का मुकाबला करने की क्षमता रखते हैं।“



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