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Code : 74592
Date of publication : 13/5/2015 20:30
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आयतुल्लाह नूरी हमदानी:

दुश्मन इस्लाम को मिटाने के लिए मुसलमानों को आपस में लड़ा रहे हैं।

ईरान के मरजा-ए-तक़लीद ने यमन में सउदी अरब के हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि दुश्मन, इस्लाम को मिटाने के लिए मुसलमानों को आपस में लड़ा रहे हैं।


विलायत पोर्टलः ईरान के मरजा-ए-तक़लीद ने यमन में सउदी अरब के हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि दुश्मन, इस्लाम को मिटाने के लिए मुसलमानों को आपस में लड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमन में सउदी अरब का सैन्य हमले का उद्देश्य, इस्राईली सरकार और अमेरिका की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सही और गलत के बीच जंग हमेशा से जारी है क्योंकि साम्राज्यवादी शक्तियां कभी भी ईमान वालों को चैन से नहीं रहने देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वर्चस्ववादी व्यवस्था के समर्थक इस्लाम के अस्तित्व को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। आयतुल्लाह नूरी हमदानी ने कहा है कि इस्लाम दुश्मन, अपनी घिनौने षड्यंत्रों से इस्लाम को मिटाने के लिए मुसलमानों को आपस में लड़ा कर यहूदी और साम्राज्यवादी शक्तियों की बहाली चाहते हैं। और इसी योजना के तहत उन्होंने कुख्यात तकफीरी आतंकवादी गिरोह आईएस को अस्तित्व में लाकर मुसलमानों के मुक़ाबले में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए इस्लाम विरोधी तत्वों ने एक नई परियोजना के तहत सऊदी अरब से यमन में सैन्य हमला कराया। आयतुल्लाह नूरी हमदानी ने कहा है कि इस्लाम विरोधी तत्वों की नापाक कोशिशों को नाकाम करने के लिए मुसलमानों के बीच एकता और आपसी सहयोग की सख्त जरूरत है।


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