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Date of publication : 19/4/2015 18:38
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सऊदी अरब ने, दुनिया के सभी मुसलमानों का दिल दुखाया।

ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर ने कहा है कि यमन पर सऊदी अरब के ह्रदयविदारक हमले ने, दुनिया के सभी मुसलमानों का दिल दुखाया है।


विलायत पोर्टलः ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर ने कहा है कि यमन पर सऊदी अरब के ह्रदयविदारक हमले ने, दुनिया के सभी मुसलमानों का दिल दुखाया है।

डॉक्टर अली लारीजानी ने रविवार को संसद की खुली कार्यवाही शुरू होने से पहले अपने बयान में कहा कि सऊदी अरब की सरकार, जो स्वयं को इस्लामी सरकार बताती है, उसे इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि इस्लाम ने निराधार कल्पनाओं के आधार पर निर्दोष लोगों का ख़ून बहाने की कब अनुमति दी है? उन्होंने कहा कि अगर सऊदी अरब की सरकार इस्लाम की बात करती है तो उसे जान लेना चाहिए कि उसने जंग का जो रास्ता चुना है, उसका आले सऊद के लिए अल्लाह और अल्लाह के बंदों की धिक्कार के अतिरिक्त और कोई परिणाम नहीं निकलेगा।

पार्लियामेंट स्पीकर ने कहा कि ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी एक बार फिर सऊदी अरब के सैन्य अतिक्रमण की निंदा करती है और उसे आशा है कि रजब के मुबारक महीने में, इस जंग को, जिसका लाभ ज़ायोनी शासन को पहुंच रहा है, समाप्त कर दिया जाएगा।

डॉक्टर अली लारीजानी ने इसी प्रकार अमरीकी कांग्रेस द्वारा ईरान व गुट 5+1 के बीच होने वाले संभावित समझौते के निरीक्षण संबंधी विधेयक की मंज़ूरी की ओर संकेत करते हुए कहा कि तेहरान से वार्ता करने वाले पक्षों को यह बात याद रखनी चाहिए कि जब तक उनके निर्णय के परिणाम निश्चित नहीं हो जाते, तब तक ईरान कोई क़दम नहीं उठाएगा।


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