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Date of publication : 12/4/2015 23:43
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आयतुल्लाह ख़ामेनई ने दी सऊदी अरब को चेतावनी।

इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के जन्मदिवस के अवसर पर महिलाओं, अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम से निष्ठा रखने वाले शाएरों और वक्ताओं से मुलाकात में रसूले इस्लाम स.अ. की बेटी के जन्मदिवस की बधाई दी और परमाणु वार्ता और यमन की घटनाओं के सिलसिले मैं महत्वपूर्ण बाते बयान कीं।


विलायत पोर्टलः इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के जन्मदिवस के अवसर पर महिलाओं, अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम से निष्ठा रखने वाले शाएरों और वक्ताओं से मुलाकात में रसूले इस्लाम स.अ. की बेटी के जन्मदिवस की बधाई दी और परमाणु वार्ता और यमन की घटनाओं के सिलसिले मैं महत्वपूर्ण बाते बयान कीं।

सुप्रीम लीडर ने अपनी बात की शुरूआत में कहा कि कुछ लोग यह सवाल कर रहे हैं कि सुप्रीम लीडर ने हालिया परमाणु वार्ता के संबंध में अपना पक्ष क्यों बयान नहीं किया। आपने कहा कि मेरी ओर से किसी पक्ष को बयान न किए जाने का कारण यह है कि किसी पक्ष के बयान की जरूरत ही नहीं है क्योंकि देश के अधिकारियों और परमाणु मामलों के जिम्मेदार लोग यह कह रहे हैं कि अभी कोई क्रियात्मक काम अंजाम ही नहीं पाया है और दोनों पक्षों के बीच कोई भी विषय लागू होने की हद तक नहीं पहुंचा है।

सुप्रीम लीडर ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी पक्ष के बयान की जरूरत ही नहीं है। आपने कहा अगर मुझसे यह पूछा जाए कि आप हालिया परमाणु वार्ता से सहमत हैं यह उसके विरोधी? तो मैं यही कहूंगा कि न सहमत हूं और न विरोधी, क्योंकि अभी कुछ हुआ ही नहीं है।

आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कहा कि सारी मुश्किलों की शुरुआत वहां से होगी जहां विवरण और आंशिक मामलों के बारे में चर्चा शुरू होगी क्योंकि प्रतिद्वंद्वी पक्ष जिद्दी, वादा तोड़ने वाला, बेईमान और पीठ में चाक़ू घोंपने वाला है और अति संभव है कि चर्चा शुरू होने के बाद देश, राष्ट्र और वार्ताकारों को घेरने की कोशिश की जाए।

आपने कहा अब तक जो कुछ हुआ है उससे न तो समझौते की, न ही समझौते पर समापन होने वाली वार्ता की और न ही समझौते की फैक्टशीट की, किसी भी चीज की गारंटी नहीं मिलती इसलिए बधाई देने का कोई अर्थ नहीं है।



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