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کد خبر : 71442
تاریخ انتشار : 14/3/2015 23:43
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बहरैन में शेख अली सलमान से मुलाकात पर पाबंदी।

बहरैन की अल-विफ़ाक़ पार्टी के बंदी नेता के वकीलों की टीम को पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से शेख अली सलमान से मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई है।


विलायत पोर्टलः बहरैन की अल-विफ़ाक़ पार्टी के बंदी नेता के वकीलों की टीम को पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से शेख अली सलमान से मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अब्दुल्लाह अलशम्लावी ने शनिवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि केवल बहरैन की अल-विफ़ाक़ पार्टी के प्रमुख शेख अली सलमान के परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति दे दी गई है।
लेकिन उन्होंने इस मुलाकात का कोई ब्यौरा नहीं दिया है। स्पष्ट रहे कि बहरैन की अल-विफ़ाक़ पार्टी के प्रमुख शेख अली सलमान को पिछले साल अट्ठाईस दिसंबर को देश में अशांति फैलाने और लोगों की भावनाएं भड़काने तथा ऑले ख़लीफा सरकार को उखाड़ फेंकने के प्रयास करने जैसे आरोपों के तहत सुरक्षा बलों ने अपनी हिरासत में ले रखा है।
शेख अली सलमान की गिरफ्तारी के बाद देश और विदेश में, व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और बहरैन के उल्मा सहित विभिन्न देशों के प्रमुख हस्तियों ने ऑले खलीफा सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए शेख अली सलमान को तुरंत रिहा किए जाने की मांग की। बहरैन की अल-विफ़ाक़ पार्टी का कहना है कि शेख अली सलमान का कसूर सिर्फ यह है कि वह बहरैन में सुधार चाहते हैं।
बहरैन में जब से जन क्रांति शुरू हुई ऑले खलीफा सरकार ने जन क्रांति को दबाने के लिए न केवल बहरैनी सुरक्षा बल बल्कि सऊदी अरब की सेना से भी व्यापक सहायता से लेकर बहरैनी जनता की क्रांति को विफल करने की कोशिश कर रही है। बहरैन की जनता और क्रांतिकारी पक्षों की ओर से तानाशाही राजशाही परिवार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला बदस्तूर जारी है।


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