हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 62424
تاریخ انتشار : 9/11/2014 16:7
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सऊदी जेलों में शिया मुसलमानों पर अत्याचार।

ड़ी नीतियों की ओर इशारा करते हुए रिपोर्ट दी है कि अद्दमाम की जेल में बंद शिया मुसलमान,इस समय बहुत कठिन परिस्थितियों में ज़िंदगी बिता रहे हैं, जिनके साथ भेदभाव बरता जा रहा है।

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार ड़ी नीतियों की ओर इशारा करते हुए रिपोर्ट दी है कि अद्दमाम की जेल में बंद शिया मुसलमान,इस समय बहुत कठिन परिस्थितियों में ज़िंदगी बिता रहे हैं, जिनके साथ भेदभाव बरता जा रहा है।अल-अवामिया समाचार ने शनिवार के दिन सऊदी अरब के शिया मुसलमानों के साथ आले सऊद के पक्षपाती व्यवहार से जु इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुहर्रम के अवसर पर जेल में बंद शिया मुसलमानों पर और अधिक सख्ती की जा रही है क्योंकि वह,जेलों में भी रसूले इस्लाम स. के नवासे हज़रत इमाम हुसैन अ. और उनके वफ़ादार असहाब की शहादत का शोक मना रहे हैं और अज़ादारी व नौहा व मातम कर रहे हैं। कुछ शिया मुसलमान कैदियों का कहना है कि सऊदी जेलर,अपमानजनक कार्यवाहियों द्वारा रसूले इस्लाम स.अ. के नवासे का अपमान कर रहे हैं और शिया मुसलमान कैदियों को कॉल कोठरियों में बंद करके उन्हें गंभीर रूप से यातनाएं पहुंचा रहे हैं। गौरतलब है कि शबे आशूर के अवसर पर पूर्वी सऊदी अरब में शिया आबादी के शहर अलएहसा में एक इमामबाड़े और इसी तरह इसी क्षेत्र में स्थित दो कस्बों अलकारा और अलक़रीन में दूसरे इमामबाड़ों पर,तकफ़ीरी आतंकवादियों के हमलों में आठ अज़ादारों की शहादत और तीस से ज़्यादा घायल हो गए थे।


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