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Code : 58646
Date of publication : 5/9/2014 15:44
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हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई

पश्चिम देशों को कड़ी चुनौतियों का सामना है।

हालिया कुछ वर्षों में क्षेत्रीय और अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली घटनाओं से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पश्चिम की द्विध्रुवी प्रणाली के दोनों स्तंभ कमजोर हो गए हैं और उन्हें कड़ी चुनौती का सामना है।


विलायत पोर्टलः ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कल सुबह ख़ुबरेगान काउंसिल (ईरान के सुप्रीम लीडर को चुनने और उसकी कारकर्दगी पर नज़र रखने वाली कमेटी) के सदस्यों के साथ बैठक में दुनिया में नए प्रबंधन के गठन की निशानियों, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर-राष्ट्रीय हालात की समीक्षा की और दुनिया के मौजूदा सिस्टम और पश्चिमी देशों के वर्चस्व के वैचारिक और व्यावहारिक स्तंभों में कम्पन्न पैदा होने और उनके कमजोर होने के कारणों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस संवेदनशील अवसर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, दुनिया के नए प्रबंधन के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करना, अपना प्रभाव छोड़ना और योगदान देना है जिसके लिए देश की सत्ता को मज़बूत करने की ज़रूरत है और यह मज़बूती साइंस व टेक्नॉलोजी, इकॉनोमी और कल्चर के तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि एकता और हमदिली देश की बुनियादी जरूरत है और सरकार और कार्य परिषद से सम्बंधित विभागों का समर्थन सभी की जिम्मेदारी है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने बैठक की शुरुआत में ख़ुबरेगान काउंसिल के प्रमुख आयतुल्लाह महदवी कनी की प्रशंसा और उनके स्वास्थ्य के लिए दुआ की तथा ज़ीकाद जो तौबा व माफ़ी का महीना है की बरकतों से फ़ायदा उठाने पर ताकीद की। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने इसके बाद अंतर-राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय हालात और समीकरणों पर रौशनी डालते हुए कहा कि मौजूदा हालात यह दर्शाते हैं कि पिछले 70 साल के अंतरराष्ट्रीय सिस्टम में परिवर्तन आ रहा है जिसका आधार अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रखा था और आज दुनिया में एक नया सिस्टम बनने जा रहा है। इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने पिछले सत्तर साल में दुनिया में स्थापित सिस्टम के राजनीतिक, सैन्य और वैचारिक द्विध्रुवी प्रणाली की ओर इशारा करते हुए कहा कि हालिया कुछ वर्षों में क्षेत्रीय और अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली घटनाओं से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पश्चिम की द्विध्रुवी प्रणाली के दोनों स्तंभ कमजोर हो गए हैं और उन्हें कड़ी चुनौती का सामना है। ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने पश्चिम की द्विध्रुवी प्रणाली की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि पश्चिमी देशों ने पिछले कुछ वर्षों में आज़ादी, डेमोक्रेसी, मानवाधिकार जैसे आकर्षित व ख़ूबसूरत शब्दों द्वारा दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों, दूसरे धर्मों ख़ासकर इस्लाम पर अपना वर्चस्व जमाने की भरपूर कोशिश की और अफ़सोस की बात है कि पश्चिमी देशों के इस षड़यंत्र में इस्लामी दुनिया की कुछ हुकूमतें और मशहूर लोग भी शामिल हो गये और उन्होंने पश्चिमी देशों के दावों को स्वीकार कर लिया और इस्लामी दुनिया में इस सोच के समर्थक आज भी मौजूद हैं।


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