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Code : 58123
Date of publication : 26/8/2014 23:30
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बान की मून ने दाइश के विरूद्ध एकजुट होने की गुहार लगाई।

इलाक़ाई व अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी अपराधों द्वारा अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाले आतंकवादी गुट दाइश के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

अबनाः इलाक़ाई व अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी अपराधों द्वारा अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाले आतंकवादी गुट दाइश के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने दाइश के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच एकता पर बल देते हुए उत्तरी इराक़ की स्थिति में चिंताजनक बताया। बान की मून ने सीएनएन से बातचीत में उत्तरी इराक़ की स्थिति और आतंकवादी गुट दाइश की गतिविधियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होना चाहिए और सभी ज़रूरी क़दम उठाना चाहिए। इस समय उत्तरी इराक़ में दसियों लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद व चरमपंथ की समस्या को अकेले हल नहीं कर सकता। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि सीरिया की समस्या जारी रहने के कारण सभी आतंकवादी व चरमपंथी गुट अपनी स्थिति को सुदृढ़ कर सके और यह बात चिंताजनक है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव का यह दृष्टिकोण ऐसी स्थिति में सामने आया है जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने ही इराक़ में आतंकवादी गुट दाइश के घिनौने अपराधों की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त नवी पिल्ले ने दाइश की इराक़ में जनसंहार, लोगों को ग़ुलाम बनाने, जातीय एवं यौन अपराध करने के कारण निंदा की। उन्होंने एक बयान में इराक़ में प्रत्यक्षदर्शियों एवं पीड़ितों के परिवार वालों के बयानों की इशारा करते हुए कहा कि दस जून में दाइश के आतंकवादी मूसेल शहर की जेल से लगभग 670 क़ैदियों को ट्रक में भर के दूसरे स्थान पर ले गए और वहां इन आतंकवादियों ने उन लोगों की गर्दन मार दी। नवी पिल्ले ने जनेवा में जारी इस बयान में कहा कि इस प्रकार के जनसंहार, जो लोगों को धार्मिक आधार पर अलग किए जाने के साथ बड़ी क्रूरता से हो रहे हैं, जंगी अपराध व इंसानियत के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं।


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