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Date of publication : 17/8/2014 19:16
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दाइश की ख़िलाफ़त पूरी तरह ग़ैर इस्लामी हैः अमरीकी लेखक

अमेरिका के एक प्रमुख लेखक और विश्लेषक “डॉक्टर केविन बैरेट ने प्रेस टीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में दाइश की ख़िलाफ़त को गैर इस्लामी बताते हुए कहा है कि दाइश की तथाकथित इस्लामी ख़िलाफ़त वास्तव में वास्तविक इस्लाम के ख़िलाफ़ एक झूठा इस्लामी झंडा है।
अहलेबैत समाचार एजेंसी अबनाः अमेरिका के एक प्रमुख लेखक और विश्लेषक “डॉक्टर केविन बैरेट ने प्रेस टीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में दाइश की ख़िलाफ़त को गैर इस्लामी बताते हुए कहा है कि दाइश की तथाकथित इस्लामी ख़िलाफ़त वास्तव में वास्तविक इस्लाम के ख़िलाफ़ एक झूठा इस्लामी झंडा है। बैरेट लिखते हैं कि दाइश का मिशन इस्लाम के टेहरे को बिगाड़ना, सांप्रदायिक दंगे भड़काना और मध्य पूर्व में अस्थिरता पैदा कर इस्लामी दुनिया में अमरीकी हस्तक्षेप के लिए रास्ता तैयार करना है। बैरेट लिखते हैं कि अल-क़ायदा के पूर्व कमांडर नबील नईम ने भी दाइश की तथाकथित ख़िलाफ़त को अमरीका की पैदावार और फ़ार्स की खाड़ी में उसकी कठपुतली बताते हुये कहा है कि दाइश को बनाने वाले अमरीका व इस्राईल हैं। उन्होंने कहा कु जॉर्डन के शिविरों में जहां दाइश को प्रशिक्षण और हथियार दिया गया वहीं अमरीकी अफ़सर उन्हें ट्रेनिंग दे रहे हैं। नईम का कहना है कि दाइश की मदद अमरीका कर रहा है और दाइश से जुड़े हजारों आतंकवादियों का तेल अवीव के अस्पतालों में इलाज हो रहा है। इस अमरीकी लेखक ने लिखा है कि दाइश ने शादी की पाक रस्म को भी शर्मसार किया है। यह लोग धर्म के नाम पर लोगों का नरसंहार और महिलाओं के साथ बलात्कार कर रहे हैं। इराक़ और सीरिया में वह उसी तरह के नरसंहार में व्यस्त हैं जिस तरह इस्राईल, फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार में व्यस्त है। और इस्लाम को बदनाम करने में दाइश ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। सीरिया और इराक़ में दाइश की दरिंदगी और अत्याचार को लेकर बैरेट लिखते हैं कि दाइश का रवैया गैर इस्लामी ही नहीं बल्कि शैतानी है और पूरी दुनिया ने दाइश की गैर इस्लामी खिलाफ़त के शैतानी कारनामों को देखा है। यह लोग शरीर के आंतरिक हिस्सों को निकाल कर खाते हैं जो हिन्दा की रस्म है और हिन्दा इस्लाम की सबसे बड़ी दुश्मन थी। बैरेट लिखते हैं कि एक आदमी को भेंट बता कर उसका गला काटना पागलपन और दरिंदगी है और हर मुसलमान जानता है कि ऐसा करने वाला मुसलमान नहीं बल्कि शैतान सिफ़त दरिन्दा है। लेख के अंत में डॉक्टर केविन बैरेट लिखते हैं कि ऐसा कोई भी मुसलमान सपने में भी नहीं कर सकता कि वह अल्लाह के सामने एक आदमी का गला काट दे और फिर अल्लाह से भेंट स्वीकार करने की दुआ करे। यह सारे काम ग़ैर इंसानी व अमानवीय हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।


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