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Code : 57256
Date of publication : 14/8/2014 12:4
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तुर्की की ओर से ग़ज़्ज़ा के लिए इंसान दोस्ताना मदद।

तुर्की की इंसान दोस्ती संस्था ने आज़ादी कारवां को ग़ज़्ज़ा भेजने का फ़ैसला लिया है। इस्राईल की ओर से ग़ज़्ज़ा की लंबे समय से जारी नाकेबंदी का विरोध करते हुए इस संस्था ने ग़ज़्ज़ा के लिए एक अन्य कारवां भेजने का फ़ैसला किया है।

अबनाः तुर्की की इंसान दोस्ती संस्था ने आज़ादी कारवां को ग़ज़्ज़ा भेजने का फ़ैसला लिया है। इस्राईल की ओर से ग़ज़्ज़ा की लंबे समय से जारी नाकेबंदी का विरोध करते हुए इस संस्था ने ग़ज़्ज़ा के लिए एक अन्य कारवां भेजने का फ़ैसला किया है। सोमवार को तुर्की की इंसान दोस्ती संस्था की ओर से ऐलान किया गया है कि इस संस्था में सम्मिलित 12 देशों के कार्यकर्ताओं ने पिछले सप्ताह इस्तांबूल में एक बैठक की। इस्तांबूल में आयोजित इस बैठक में ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के भयानक हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। इस्तांबूल बैठक में ग़ज़्ज़ा की नाकेबंदी समाप्त कराने के उद्देश्य से इंसान दोस्ती संस्था की ओर से एक कारवां ग़ज़्ज़ा भेजने का फ़ैसला लिया गया। वर्ष 2010 में भी इसी संस्था ने एक कारवां, ग़ज़्ज़ा रवाना किया था। 31 मई 2010 को इस्राईल के कमांडोज़ ने इस कारवां पर हमला कर दिया जो पानी के जहाज़ से ग़ज़्ज़ावासियों के लिए सहायता सामग्री लेकर जा रहा था। इस हमला में तुर्की के 9 सहायताकर्मी मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। तुर्की के न्यायालय ने इस्राईल के इस हमला को अमानवीय और ग़ैर क़ानूनी बताते हुए उन इस्राईली सैनिकों को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया था जिन्होंने स्वतंत्रता कारवां पर हमला किया था।


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