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Date of publication : 14/8/2014 11:33
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लेबनान के एक वरिष्ठ सुन्नी मौलाना

वहाबियत, सऊदी अरब के तेल डालरों से इस्लाम का चेहरा बिगाड़ रही है।

शेख माहिर हमूद ने चेतावनी देते हुए कहा कि तकफ़ीरी आतंकवादी, वहाबियों की कट्टरपंथी सोच का पालन करते हुए और सऊदी अरब के तेल डालरों की मदद से इस्लाम के पाक चेहरे को बिगाड़ रहे हैं और इराक़ व दूसरे सभी देशों में धार्मिक अल्पसंख्यक नागरिकों के नरसंहार द्वारा इस्लाम के चेहरे को खराब कर रहे हैं।
अहलेबैत समाचार एजेंसीः लेबनान के सैदा शहर की क़ुद्स मस्जिद के सुन्नी इमामे जुमा शेख़ माहिर हमूद ने लेबनान समाचार चैनल अल-मिनार की साइट पर प्रकाशित किए गये अपने बयान में इस बात पर बल देते हुये कि कुछ राजनीतिक ग़ल्तियों ने इस देश की स्थिति को संकट में डाल दिया है और हालात तनावपूर्ण हो गये हैं, कहा: सीरिया के संकट में दृष्टिकोणों के अलग अलग होने और मतभेद ने लेबनान पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है और इसके बावजूद कि कुछ लोगों का विश्वास था कि सीरिया में सार्वजनिक क्रांति हो रही है लेकिन जैसा जैसा समय गुज़रता गया सभी को पता चल गया कि यह एक साजिश के तहत हो रहा है ताकि सीरिया को कमजोर किया जा सके।  उन्होंने इराक और सीरिया में आतंकवादी गुटों की अमानवीय कार्यवाहियों को जिसमें हजारों निर्दोष लोगों का नरसंहार किया गया है, क्षेत्र में दंगा और आपसी मतभेद फैलाने की योजना बताया और कहा: इन सभी तर्कों के बावजूद कैसे कुछ लोग लगातार यह कह रहे है कि सीरिया में सार्वजनिक क्रांति है और जनता आंदोलन कर रही है।  लेबनान के इस सुन्नी मौलाना ने क्षेत्र में हिंसा और आतंकवाद में बढ़ोत्तरी को हिज़्बुल्ला लेबनान के नकारात्मक प्रभाव के दावे को खारिज करते हुए कहा: इस्लामी प्रतिरोध बहुत पहले से तकफ़ीरी आतंकवाद के ख़तरे से अवगत हो गया था और उनसे मुक़ाबला शुरू कर दिया था जिसकी वजह से लेबनान को तकफ़ीरी गुटों के आतंक से सुरक्षित रखा है। शेख माहिर हमूद ने चेतावनी देते हुए कहा कि तकफ़ीरी आतंकवादी, वहाबियों की कट्टरपंथी सोच का पालन करते हुए और सऊदी अरब के तेल डालरों की मदद से इस्लाम के पाक चेहरे को बिगाड़ रहे हैं और इराक़ व दूसरे सभी देशों में धार्मिक अल्पसंख्यक नागरिकों के नरसंहार द्वारा इस्लाम के चेहरे को खराब कर रहे हैं।  उन्होंने उदारवादी अहले सुन्नत विचारधारा और अतिवादी वहाबी विचारधारा के बीच किसी भी तरह के संबंध होने का खंडन करते हुए कहा: वहाबी खुद को अहले सुन्नत बताते हुए दुनिया के सभी लोगों को अपने गुमराह विचारों से बहका रहे हैं। ऐसे विचार जिनमें तनिक भी तार्किक व बौद्धिक मुद्दों की ओर ध्यान नहीं दिया गया है और बिदअत पर अमल होता है।  शेख माहिर हमूद ने इस टिप्पणी के साथ कि लेबनान में कुछ राजनीतिक दल जैसे 14 मार्च पार्टी जिसकी पूरी कोशिश यही थी कि किसी भी तरह सीरिया पर अमरीका का हमला हो जाये, कहा: यह राजनीतिक दल सीरिया में तकफ़ीरी गुटों का मुकाबला करने के लिए हिज़बुल्लाह लेबनान की मौजूदगी की निंदा करता था और खुद दूसरी ओर लगातार ओबामा से बश्शार असद सरकार का तख्ता पलटने की मांग करता था।  उन्होंने कहा: लेबनान और इराक़ में एक साथ आतंकी कार्रवाई में बढ़ोत्तरी ज़ायोनी सरकार की ज़्यादती का कारण यह है कि अमरीका और इस्राईल, फिलिस्तीन में इस्लामी प्रतिरोध को दाइश और अन्य आतंकवादी समूहों की तरह दुनिया वालों के सामने एक आतंकवादी गुट के रूप में पेश करें।


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