Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 57028
Date of publication : 7/8/2014 18:46
Hit : 414

कौन कौन से देश आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं?

इराक़ी अहलेसुन्नत के जमीअते इस्लामी सेंटर ने एक बयान जारी किया है जिसमें उन 6 देशों के नाम बयान किये गए हैं जिनका समर्थन आतंकवादी समूह दाइश को हासिल है। जमीअते इस्लामी ने जिसको इराक में अहले सुन्नत का सबसे प्रमाणिक इल्मी और फ़िक्री सेंटर माना जाता है,


विलायत पोर्टलः इराक़ी अहलेसुन्नत के जमीअते इस्लामी सेंटर ने एक बयान जारी किया है जिसमें उन 6 देशों के नाम बयान किये गए हैं जिनका समर्थन आतंकवादी समूह दाइश को हासिल है। जमीअते इस्लामी ने जिसको इराक में अहले सुन्नत का सबसे प्रमाणिक इल्मी और फ़िक्री सेंटर माना जाता है, अपने बयान में उन अरब देशों की तीखी आलोचना की है जो दाइश को वैचारिक, वित्तीय और हथियारों की मदद प्रदान कर रहे हैं। इस बयान में सऊदी अरब सहित ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, मोरक्को, मिस्र और लीबिया को आतंकवादी समूह का समर्थक कहा गया है। इस बयान में यह भी कहा गया है कि जब आतंकवादी समूह इन्हीं देशों के लिये ख़तरा बनने लगते हैं तो कभी कभी यह देश उनके खिलाफ़ भी बयान दे देते हैं, लेकिन वास्तव में दाइश के अस्ली समर्थक यही हैं।


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना के लिए ईरान का किरदार बहुत महत्वपूर्ण । वालेदैन के हक़ में दुआ हिज़्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध की आग भड़काने पर तुला इस्राईल, मोसाद और ज़ायोनी सेना आमने सामने इराक की दो टूक, किसी भी देश के ख़िलाफ़ देश की धरती का प्रयोग नहीं होने देंगे फ़्रांस के दो लाख यहूदी नागरिकों को स्वीकार करेगा अवैध राष्ट्र इस्राईल इस्राईल का चप्पा चप्पा हमारी की मिसाइलों के निशाने पर : हिज़्बुल्लाह जौलान हाइट्स से लेकर अल जलील तक इस्राईल का काल बन गई है नौजबा मूवमेंट । हम न होते तो फ़ारसी बोलते आले सऊद, अमेरिका के बिना सऊदी अरब कुछ नहीं : लिंडसे ग्राहम आले सऊद की बेशर्मी, लापता हाजी सऊदी जेलों में मौजूद ट्रम्प पर मंडला रहा है महाभियोग और जेल जाने का ख़तरा । जॉर्डन के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने दमिश्क़ से राजनयिक संबंध बहाल करने की इच्छा जताई क़ुर्आन की तिलावत की फ़ज़ीलत और उसका सवाब ट्रम्प को फ्रांस की नसीहत, हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करे अमेरिका । तुर्की अरब जगत के लिए सबसे बड़ा ख़तरा : अब्दुल ख़ालिक़ अब्दुल्लाह आतंकवाद से संघर्ष का दावा करने वाला अमेरिका शरणार्थियों पर हमले बंद करे : मलाला युसुफ़ज़ई